भोपाल बड़ा तालाब शिकारा राइड: कश्मीर की डल झील जैसे शिकारे अब भोपाल के 'बड़ा तालाब' में, CM मोहन यादव ने किया शुभारंभ; जानें किराया और टाइमिंग
Bhopal Bada Talab Shikara Ride: भोपाल के बड़े तालाब में डल झील की तर्ज पर 20 शिकारा राइड शुरू। CM मोहन यादव ने किया उद्घाटन। किराया ₹150 प्रति व्यक्ति, 2.3 KM का रूट।
भोपाल, मध्य प्रदेश: भोपाल के लोगों और पर्यटकों का कश्मीर की डल झील में शिकारा राइड लेने का सपना अब भोपाल में ही पूरा होगा। आज, गुरुवार को, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा तालाब में डल झील की तर्ज पर बने 20 नए शिकारों का शुभारंभ किया। यह नई सेवा भोपाल को 'मिनी कश्मीर' का खूबसूरत एहसास देगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की मौजूदगी में इन शिकारों का शुभारंभ किया।
पर्यावरण-अनुकूल शिकारों की खासियत
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तकनीक: इन 20 शिकारों को आधुनिक फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन तकनीक से बनाया गया है।
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सुरक्षा: इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये पानी को बिल्कुल भी प्रदूषित नहीं करते। इससे प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद भी मिलेगा और तालाब की पारिस्थितिकी भी सुरक्षित रहेगी।
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शुरुआत: नगर निगम ने पिछले साल जून 2024 में एक शिकारे का सफल ट्रायल रन कराया था, जिसके बाद अब इसे औपचारिक रूप से शुरू किया गया है।
किराया और रूट की जानकारी
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टाइमिंग: शिकारों को सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक चलाने की योजना है।
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किराया: किराया लगभग ₹150 रुपये प्रति व्यक्ति रखा जा सकता है, हालांकि अंतिम शुल्क अभी निर्धारित होना बाकी है।
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रूट: यह शिकारा लगभग 2.3 किलोमीटर का रूट तय करेगा और तालाब के बीच स्थित टापू के आसपास तक पर्यटकों को ले जाएगा।
शिकारा क्या होता है?
शिकारा असल में लकड़ी से बनी एक खूबसूरत पारंपरिक नाव है, जो कश्मीर की डल झील की पहचान मानी जाती है। ये नावें पर्यटकों को लुभाने के लिए आकर्षक रंगों, पैटर्न और आरामदायक सीटों से सजाई जाती हैं।
यह नई सेवा भोपालवासियों के लिए एक नया आकर्षण का केंद्र बन गई है, खासकर तब, जब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने करीब दस महीने पहले क्रूज और मोटर बोट सेवाओं पर रोक लगा दी थी।