आयुर्वेदिक सर्जनों की सीएमई वर्कशॉप में आधुनिक शल्य तकनीकों पर प्रशिक्षण
वाराणसी के चितईपुर स्थित रॉयल हॉस्पिटल अवलेशपुर में नीमा सर्जिकल सोसाइटी उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आयुर्वेदिक सर्जनों की सीएमई वर्कशॉप आयोजित हुई। कार्यक्रम में 100 से अधिक चिकित्सकों ने भाग लिया और लेप्रोस्कोपिक सहित कई जटिल शल्य प्रक्रियाओं का लाइव प्रदर्शन किया गया।
वाराणसी से अश्वनी सेठ की रिपोर्ट
वाराणसी। चितईपुर स्थित रॉयल हॉस्पिटल, अवलेशपुर में रविवार को आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सकों के लिए एक दिवसीय सीएमई (कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन) वर्कशॉप का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम NIMA Surgical Society उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लगभग 100 से अधिक आयुर्वेदिक सर्जनों ने प्रतिभाग किया। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य चिकित्सकों को नवीनतम शल्य तकनीकों और आधुनिक चिकित्सा अपडेट से अवगत कराना होता है।
NIMA SURGICAL SOCIETY UP +1
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एमएस (आयुर्वेद) शल्य डिग्रीधारी चिकित्सकों को शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास और तकनीकी प्रगति की जानकारी देना था। आयोजकों के अनुसार इस तरह की वर्कशॉप नियमित रूप से आयोजित की जाती है, जिसमें विशेषज्ञों द्वारा लाइव ऑपरेशन का प्रदर्शन, पैनल डिस्कशन और चिकित्सकों की शंकाओं का समाधान किया जाता है, ताकि आयुर्वेदिक सर्जन आधुनिक तकनीकों से और अधिक दक्ष बन सकें।
वर्कशॉप में पूर्वांचल के लगभग 13–14 जिलों से आए आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सकों ने भाग लिया। इनमें कई चिकित्सक अपने-अपने जिलों में अस्पताल संचालित कर रहे हैं, जबकि कुछ चिकित्सक Banaras Hindu University के आयुर्वेद संकाय तथा प्रदेश के विभिन्न राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालयों में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। इन चिकित्सकों द्वारा दूरदराज क्षेत्रों में गरीब और जरूरतमंद मरीजों को किफायती दर पर शल्य चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भदोही के सांसद Vinod Kumar Bind रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय आयुष अधिकारी वाराणसी-चंदौली-भदोही डॉ. अरविंद सिंह उपस्थित रहे।
इस अवसर पर नीमा सर्जिकल सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष डॉ. आनंद विद्यार्थी, उपाध्यक्ष डॉ. अरुण सिंह, सचिव डॉ. मनोज कुमार यादव, कोषाध्यक्ष डॉ. एनी त्रिपाठी सहित डॉ. राघवेंद्र राय, डॉ. राजीव सिंह, डॉ. शिवजी गुप्ता, डॉ. हरिओम सिंह और डॉ. पी.एस. पांडे समेत कई वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे।
वर्कशॉप की विशेषता यह रही कि कार्यक्रम के दौरान लगभग 9 से 10 जटिल शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं का लाइव ऑपरेशन प्रदर्शन किया गया। इनमें लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी, लेप्रोस्कोपिक हर्निया रिपेयर, ओपन हर्निया मेश रिपेयर, कॉम्प्लेक्स फिस्टुला, फिशर और पाइल्स जैसी शल्य क्रियाओं का सफल संचालन किया गया।
सभी शल्य प्रक्रियाओं में एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी Banaras Hindu University आयुर्वेद संकाय से प्रशिक्षित डॉ. पी.एस. पांडे और डॉ. हरिओम सिंह ने निभाई, जो एमडी आयुर्वेद (संज्ञाहरण) के विशेषज्ञ हैं।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सकों के ज्ञान और कौशल को उन्नत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे आधुनिक तकनीकों के समन्वय के साथ मरीजों को बेहतर और किफायती उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।