भोपाल झूठी पहचान रेप: 'अमर नहीं अकरम था…', महिला से दोस्ती कर होटल ले गया, फिर किया दुष्कर्म; धर्म बदलने का दबाव बनाने वाले को 10 साल की सजा
Bhopal Jhoothi Pehchaan Rape: भोपाल में मोहम्मद अकरम ने 'अमर कुशवाहा' बनकर महिला से दुष्कर्म किया। बाद में धर्म परिवर्तन कर शादी का दबाव बनाया। कोर्ट ने 10 साल की कठोर कैद सुनाई।
भोपाल, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक अदालत ने झूठी पहचान बनाकर महिला से दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी मोहम्मद अकरम को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में अकरम ने खुद को 'अमर कुशवाहा' बताकर महिला से दोस्ती की, नौकरी का लालच देकर उसे होटल ले गया, और फिर दुष्कर्म किया। बाद में, वह पीड़िता पर धर्म परिवर्तन कर शादी करने का दबाव बनाने लगा था।
लगभग तीन साल तक चली सुनवाई के बाद एडिशनल सेशन जज प्रीति श्रीवास्तव की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
तिलक लगी फोटो भेजकर जीता था विश्वास
यह घटना 16 अक्टूबर 2022 की है। पीड़िता, जो एमपी नगर थाना क्षेत्र में रहती हैं और दो बच्चों की मां हैं, गलती से पेंटर के नंबर की जगह आरोपी मोहम्मद अकरम को कॉल कर बैठी थीं।
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धोखाधड़ी: कॉल लगने के बाद आरोपी ने लगातार व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजना शुरू कर दिया। उसने तिलक लगी हुई अपनी फोटो भेजकर स्वयं को 'अमर कुशवाहा' बताया, ताकि महिला का विश्वास जीत सके।
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पहला प्रयास: पहली मुलाकात में एमपी नगर क्षेत्र के मिलन रेस्टोरेंट में आरोपी ने गलत तरीके से छूने का प्रयास किया, लेकिन विरोध के बाद वह चला गया।
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दुष्कर्म: अगले दिन आरोपी ने नौकरी दिलाने का लालच देकर महिला को बोर्ड ऑफिस बुलाया और फिर कान्हा होटल ले जाकर कमरे में बंद करके दुष्कर्म किया।
धमकी और धर्म परिवर्तन का दबाव
दुष्कर्म के बाद आरोपी ने अपना असली नाम मोहम्मद अकरम बताया, जिससे महिला सन्न रह गईं।
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दबाव: आरोपी ने महिला को जान से मारने की धमकी दी और बच्चों को नुकसान पहुंचाने की बात कही। इसी दौरान उसने महिला पर धर्म परिवर्तन कर शादी करने का दबाव बनाया और कहा कि वह उसे अपनी बेगम बनाना चाहता है।
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न्याय: अदालत ने उपलब्ध सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।