स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज, चंद्रजीत सिंह यादव ने शिक्षा और युवाओं के मुद्दों को बताया प्राथमिकता

वाराणसी और गाजीपुर में स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर गतिविधियां तेज हैं। पूर्व शिक्षा अधिकारी एवं निर्दलीय प्रत्याशी चंद्रजीत सिंह यादव ने शिक्षा, शिक्षक, पुरानी पेंशन और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया।

Oct 3, 2026 - 16:00
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स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज, चंद्रजीत सिंह यादव ने शिक्षा और युवाओं के मुद्दों को बताया प्राथमिकता

वाराणसी/गाजीपुर। वाराणसी और गाजीपुर के राजनीतिक गलियारों में स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। इसी क्रम में शिक्षा विभाग में लंबे समय तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके और गाजीपुर के मूल निवासी चंद्रजीत सिंह यादव ने अपनी उम्मीदवारी और चुनावी प्राथमिकताओं को लेकर मीडिया से बातचीत की।

चंद्रजीत सिंह यादव ने अपने प्रशासनिक अनुभव का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने वर्ष 2003-04 तथा 2012-13-14 में दो बार जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) के पद पर कार्य किया। इसके अलावा वे लगभग एक माह तक डायरेक्टर, हिंदी संस्थान के पद पर भी रहे। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों और मंडलों में डिप्टी डायरेक्टर तथा प्रभारी डीडी के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। वर्ष 2023 में वे सेवानिवृत्त हुए।

मीडिया से बातचीत के दौरान यादव ने कहा कि चुनाव में उनका मुख्य फोकस शिक्षा, शिक्षक और नौजवानों से जुड़े मुद्दों पर रहेगा। उन्होंने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों को आजीविका के लिए सम्मानजनक मानदेय मिलना चाहिए। इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना की बहाली और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जब तक युवाओं को रोजगार उपलब्ध नहीं होता, तब तक बेरोजगारी भत्ते की व्यवस्था पर भी गंभीरता से विचार होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सिटीजन चार्टर एक्ट के तहत लोगों की समस्याओं का समाधान निर्धारित समय-सीमा में होना चाहिए। आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण हो, इसके लिए वे सदन में आवाज उठाएंगे।

शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने निःशुल्क शिक्षा, शिक्षकों के हितों तथा मानदेय में व्याप्त असमानता को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना है कि शिक्षकों को सम्मानजनक आर्थिक सुरक्षा मिलने से शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपनी भूमिका को लेकर चंद्रजीत सिंह यादव ने कहा कि वे किसी राजनीतिक दल के झंडे के नीचे चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें सदन में प्रतिनिधित्व का अवसर मिलता है तो वे किसी दबाव में आए बिना जनता और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को उठाने का प्रयास करेंगे।

उन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि सेवा के दौरान उन्होंने नियम, कानून और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को करीब से समझा है और इसी अनुभव का उपयोग जनता की समस्याओं को सदन तक पहुंचाने में करेंगे।

उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने विवेक के आधार पर मतदान करें और उम्मीदवारों के विचारों एवं प्राथमिकताओं को समझकर अपना निर्णय लें। उनका कहना है कि एक स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में वे जनता की आवाज को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करेंगे