दिल्ली गुरुग्राम सिग्नल फ्री एक्सप्रेसवे: AIIMS से गुरुग्राम का सफर सिर्फ 30 मिनट में होगा पूरा, 5000 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट की DPR पर काम शुरू

Delhi Gurugram Signal Free Expressway: AIIMS से गुरुग्राम का 2 घंटे का सफर अब सिर्फ 30 मिनट में होगा पूरा। ₹5000 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट की DPR पर काम शुरू। दिल्ली-NCR जाम से मिलेगी मुक्ति।

Dec 1, 2025 - 13:55
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दिल्ली गुरुग्राम सिग्नल फ्री एक्सप्रेसवे: AIIMS से गुरुग्राम का सफर सिर्फ 30 मिनट में होगा पूरा, 5000 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट की DPR पर काम शुरू

नई दिल्ली/गुरुग्राम: दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! केंद्र सरकार एम्स (AIIMS) से गुरुग्राम होते हुए महिपालपुर मार्ग पर प्रस्तावित लगभग 30 किलोमीटर लंबे सिग्नल फ्री एक्सप्रेसवे पर तेजी से काम कर रही है। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद, दिल्ली से गुरुग्राम का 2 घंटे का सफर घटकर महज 25 से 30 मिनट में पूरा हो सकेगा।

दिल्ली गुरुग्राम सिग्नल फ्री एक्सप्रेसवे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंसल्टेंट कंपनी आरसीटी को सौंपी गई है, जो डेढ़ से दो महीने के भीतर रिपोर्ट सौंप देगी।


AIIMS, धौलाकुआं और महिपालपुर जाम से मुक्ति

  • वर्तमान स्थिति: वर्तमान में एम्स से गुरुग्राम के सिरहौल बॉर्डर तक जाने में ही डेढ़ घंटे का समय लगता है, जिससे यात्रियों को AIIMS, धौलाकुआं और महिपालपुर के लंबे जाम में फंसना पड़ता है।

  • बदलाव: नई सड़क से न सिर्फ ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि दिल्ली-गुरुग्राम के बीच मौजूदा मार्गों पर भी भीड़ का बोझ घटेगा।

  • लागत: इस बड़े प्रोजेक्ट पर लगभग ₹5,000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।


मेरठ से गुरुग्राम सिग्नल फ्री रूट

इस एक्सप्रेसवे का लाभ न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर के लोगों को मिलेगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहरों—नोएडा, मेरठ, गाजियाबाद और मुरादाबाद—को भी होगा।

  • कनेक्टिविटी: लोग दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से सराय काले खां तक पहुंचने के बाद, डीएनडी फ्लाइओवर के जरिए बिना रेड लाइट एम्स पहुंचेंगे।

  • सिग्नल फ्री: एम्स से गुरुग्राम के लिए बनने वाले इस नए एलिवेटेड रोड की मदद से यात्री बिना किसी रुकावट और सिग्नल के गुरुग्राम पहुंच जाएंगे।

  • अंतिम गंतव्य: एक्सप्रेसवे को गुरुग्राम में गांव घाटा के पास गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से जोड़ा जाएगा, जिससे तीनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।


DPR तय करेगी मार्ग की संरचना

कंसल्टेंट कंपनी आरसीटी की DPR रिपोर्ट से यह तय होगा कि एक्सप्रेसवे का कौन-सा हिस्सा भूमिगत (Underground) रहेगा और कहाँ एलिवेटेड स्ट्रक्चर बनाया जाएगा।

NHAI (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने प्रारंभिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट को व्यवहार्य पाया है और उम्मीद है कि यह एक्सप्रेसवे ट्रैफिक प्रबंधन में एक गेम-चेंजर साबित होगा।