फर्जी RAW ऑफिसर: फेक ID, 5 पैन कार्ड और ₹40 लाख... ग्रेटर नोएडा में यूपी STF ने दबोचा शातिर ठग, लोगों से सरकारी काम के नाम पर करता था ठगी
Fargi RAW Officer सुनीत कुमार ग्रेटर नोएडा से UP STF के हत्थे चढ़ा। आरोपी के पास से 5 पैन कार्ड, फेक ID और ₹40 लाख बरामद। लोगों से सरकारी काम के नाम पर ठगी करता था।
ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश में यूपी एसटीएफ (UP STF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से खुद को भारतीय खुफिया एजेंसी RAW (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) का अधिकारी बताकर लोगों को झांसा दे रहा था। यह फर्जी RAW ऑफिसर सरकारी काम करवाने और जांच प्रभावित करने के नाम पर लाखों की ठगी कर रहा था।
रविवार शाम यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने थाना सूरजपुर क्षेत्र स्थित पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसायटी में दबिश देकर बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले सुनीत कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, पहचान पत्र और बैंकिंग सामग्री बरामद की गई है।
RAW की फर्जी ID दिखाकर बनाता था शिकार
एसटीएफ के अधिकारी राजेश कुमार मिश्र ने जानकारी दी कि आरोपित सुनीत कुमार एक संगठित धोखाधड़ी का नेटवर्क चला रहा था।
-
ठगी का तरीका: वह लोगों के बीच सरकारी काम करवाने, जांच प्रभावित करने या उच्च स्तरीय संपर्क होने का झांसा देता था और उनसे पैसे वसूलता था।
-
पहचान: आरोपी के पास से एक फर्जी RAW ऑफिसर की आईडी, उस पर उसकी फोटो और अन्य फर्जी आधिकारिक पहचान दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
-
नेटवर्क: फर्जी RAW ऑफिसर ग्रेटर नोएडा और दिल्ली-एनसीआर में लंबे समय से सक्रिय था और कई लोगों को अपनी पहचान के झांसे में लेकर ठग चुका था। वह एक फर्जी कंपनी तैयार कर शेयर बाजार के नाम पर भी ठगी करने की फिराक में था।
फ्लैट से मिले 5 पैन कार्ड और ₹40 लाख
एसटीएफ ने आरोपी के फ्लैट की तलाशी ली, तो बड़ी मात्रा में संदिग्ध और फर्जी दस्तावेज मिले, जो उसकी आपराधिक गतिविधियों की गहराई को दर्शाते हैं:
-
फर्जी दस्तावेज़: 5 पैन कार्ड, 2 आधार कार्ड, 3 वोटर आईडी और 17 विभिन्न नामों पर तैयार किए गए एग्रीमेंट बरामद हुए।
-
बैंकिंग सामग्री: कई अलग-अलग बैंकों की चेक बुक, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड भी मिले।
-
फ्रीज हुई रकम: आरोपी के बैंक अकाउंट में करीब ₹40 लाख की रकम भी मिली है, जिसे एसटीएफ ने तत्काल फ्रीज करा दिया है।
एसटीएफ अब इस बात की जांच कर रही है कि यह 40 लाख रुपये लोगों से की गई ठगी की रकम है या नहीं।
एसटीएफ की जांच जारी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फर्जी RAW ऑफिसर सुनीत कुमार कई फर्जी पहचान का उपयोग करता था। वह अलग-अलग नामों पर बैंकिंग दस्तावेज और आईडी इस्तेमाल करके अपने असली नाम को छुपाता था, ताकि किसी भी जांच एजेंसी को उसकी गतिविधियों का आसानी से पता न चले।
एसटीएफ अब उससे पूछताछ कर रही है कि उसके इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। बरामद दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और उन सभी लोगों की पहचान की जाएगी, जिनके नाम पर फर्जी पहचान बनाई गई है। फिलहाल आरोपी फर्जी RAW ऑफिसर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।