हल्द्वानी बनभूलपुरा अतिक्रमण विवाद: रेलवे की 29 एकड़ जमीन, 50000 परिवार… कोर्ट की सुनवाई से पहले हल्द्वानी शहर छावनी में तब्दील
Haldwani Banbhulpura Atikraman Vivaad: रेलवे की 29 एकड़ जमीन अतिक्रमण मामले की सुनवाई से पहले हल्द्वानी छावनी में तब्दील। 50 हजार लोगों का पुनर्वास और सुरक्षा पर फोकस। सुनवाई 10 दिसंबर को।
हल्द्वानी, उत्तराखंड: उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे भूमि अतिक्रमण से जुड़े बहुचर्चित मामले की सुनवाई से पहले शहर में तनाव का माहौल है। रेलवे की 29 एकड़ जमीन पर बसे लगभग 50 हजार लोगों के पुनर्वास से जुड़ा यह मामला अब कोर्ट में 10 दिसंबर को सुना जाएगा।
कोर्ट की सुनवाई से पहले, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हल्द्वानी प्रशासन हाई अलर्ट पर आ गया है। बनभूलपुरा क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
400 से ज्यादा सुरक्षा बल तैनात
जिला प्रशासन पिछले साल हुई हिंसा के बाद कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। फरवरी 2024 में नगर निगम द्वारा एक अवैध ढांचे को ढहाने के बाद हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें 6 लोगों की मौत हुई थी।
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सुरक्षा व्यवस्था: बनभूलपुरा में 400 से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।
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निगरानी: पूरे इलाके में ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
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चेकिंग: बाहरी लोगों और वाहनों की स्क्रीनिंग के लिए जगह-जगह चेकिंग प्वाइंट बनाए गए हैं।
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कार्रवाई: जिला प्रशासन ने अराजक तत्वों पर कार्रवाई तेज करते हुए 100 से अधिक कथित उपद्रवियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और उपद्रव या अफवाह फैलाने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
2007 से चल रहा है विवाद
हल्द्वानी बनभूलपुरा अतिक्रमण विवाद 2007 में शुरू हुआ था, जब हाई कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था।
| वर्ष | घटनाक्रम |
| 2007 | हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया। |
| 2013 | गौला नदी अवैध खनन से जुड़ी जनहित याचिका के दौरान रेलवे भूमि का मुद्दा फिर उभरा। |
| 2016 | हाईकोर्ट ने रेलवे को 10 हफ्तों में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। |
| 2017 | अतिक्रमणकारियों और राज्य सरकार ने भूमि को नजूल भूमि बताकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट जाने को कहा। |
| 2024 | अवैध मदरसा और नमाज स्थल ढहाने पर भीषण हिंसा भड़की, 6 लोगों की मौत हुई। |