काशी साहित्य कला उत्सव-2026: बनारस लिट फेस्ट के वक्ताओं की पहली सूची जारी, 30 जनवरी से होगा आयोजन
बनारस लिट फेस्ट के नाम से मशहूर, काशी साहित्य कला उत्सव-2026 की वक्ताओं की पहली सूची जारी कर दी गई है। जानिए कौन से दिग्गज होंगे इस भव्य आयोजन का हिस्सा, जो 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक वाराणसी में होगा।
बनारस की गलियों में ज्ञान और कला की गंगा फिर से बहने को तैयार है!
साहित्य, संगीत और विचार के अद्भुत संगम, बनारस लिट फेस्ट का चौथा संस्करण, काशी साहित्य कला उत्सव-2026, अगले वर्ष 30 जनवरी से 1 फरवरी तक भव्यता के साथ आयोजित होने जा रहा है। 'जय भारत निर्माण समिति' और 'बनारस लिट फेस्ट आयोजन समिति' ने हाल ही में एक प्रेस वार्ता के माध्यम से इस महाजन समारोह के वक्ताओं की पहली सूची जारी कर दी है, जिसने कला और साहित्य जगत में उत्साह का माहौल पैदा कर दिया है।
विश्व के दिग्गज जुटेंगे काशी की धरती पर
काशी साहित्य कला उत्सव-2026 इस बार देश-विदेश के 200 से अधिक प्रतिष्ठित कवियों, लेखकों, आलोचकों और कलाकारों को एक मंच पर लाएगा। यह उत्सव भारतीय ज्ञान-परंपरा और आधुनिक रचनात्मकता के बीच एक जीवंत संवाद स्थापित करेगा।
आयोजन समिति द्वारा घोषित कुछ प्रमुख अतिथियों और वक्ताओं के नाम इस प्रकार हैं:
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न्याय और विचार: भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़।
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राजनीति और साहित्य: सांसद एवं प्रसिद्ध लेखक शशि थरूर।
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खेल और प्रेरणा: प्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी एवं कोच पुल्लेला गोपीचंद।
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कला और संस्कृति: मैसूर राजवंश के एच एस वाडियार।
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अंतर्राष्ट्रीय कला: जाने-माने चित्रकार मनीष पुष्कले (जापान)।
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साहित्य की सशक्त आवाज़ें: कथाकार उदय प्रकाश, अंग्रेजी लेखिका माविका गोवित, श्रीनिवासन स्मानी, और नमिता देवी दयाल।
इनके अलावा, हिंदी, अंग्रेजी और विभिन्न भारतीय भाषाओं के 200 से अधिक विद्वान और कलाकार इस वर्ष के काशी साहित्य कला उत्सव-2026 को अपनी उपस्थिति से सुशोभित करेंगे।
आमंत्रित किए गए विशेष गणमान्य व्यक्ति
इस वर्ष के आयोजन को और भी गरिमामय बनाने के लिए देश के कई शीर्ष संवैधानिक और राजनीतिक पदों पर आसीन गणमान्य व्यक्तियों को भी आमंत्रित किया गया है:
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देश के उपराष्ट्रपति श्री सी पी राधाकृष्णन।
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बिहार के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान।
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केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत।
सिर्फ एक फेस्ट नहीं, यह एक 'संवाद' है
'बनारस लिट फेस्ट' या काशी साहित्य कला उत्सव-2026 केवल किताबों का मेला नहीं है। यह साहित्य, कला, संगीत, विचार और अभिव्यक्ति का एक जीवंत संगम है। इसका उद्देश्य भारतीय ज्ञान-परंपरा, रचनात्मकता और सामाजिक चेतना को एक साथ जोड़ते हुए वाराणसी को फिर से साहित्य-आधारित सांस्कृतिक संवाद का केंद्र बनाना है।
यदि आप विचारों के इस महाकुंभ का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो अपनी डायरी में 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 की तारीखें नोट कर लें। काशी साहित्य कला उत्सव-2026 बनारस की धरती पर आपका इंतज़ार कर रहा है।