लखनऊ विदेशी करेंसी ठगी: नकली सऊदी रियाल का लालच देकर लगाते थे लाखों की चपत, वजीरगंज पुलिस ने दो बांग्लादेशी ठगों को दबोचा

Lucknow Videshi Currency Thagi: लखनऊ में विदेशी करेंसी का लालच देकर ठगी करने वाले 2 बांग्लादेशी ठग गिरफ्तार। वे नकली नोटों के बंडल थमाकर लोगों से लाखों रुपये ठगते थे।

Nov 22, 2025 - 19:35
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लखनऊ विदेशी करेंसी ठगी: नकली सऊदी रियाल का लालच देकर लगाते थे लाखों की चपत, वजीरगंज पुलिस ने दो बांग्लादेशी ठगों को दबोचा

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वजीरगंज पुलिस ने विदेशी करेंसी का लालच देकर लोगों से ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर डालीगंज पुल के नीचे से दो बांग्लादेशी आरोपियों—उमर शेख और हसन शेख—को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लोगों को नकली विदेशी नोटों के बंडल थमाकर लाखों रुपये ठगते थे।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 29 असली सऊदी रियाल (भारतीय मुद्रा में कीमत लगभग ₹34,655), ₹8,100 नकद, मोबाइल फोन और अखबार में रोल किया गया नकली नोटों का बंडल बरामद किया है।


???????? 8 साल से भारत में रह रहे थे अवैध रूप से

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने ठगी के अपने तरीके का खुलासा किया, जो चौंकाने वाला है:

  • ठगी का तरीका: आरोपी लोगों को विदेशी मुद्रा का लालच देते थे। वे अखबार के कागज या साधारण कागज का एक बंडल बनाते थे।

  • झांसे में फँसाना: इस बंडल के ऊपर और नीचे 7 से 9 असली सऊदी रियाल के नोट रखते थे, जिससे पीड़ित को लगता था कि पूरा बंडल असली विदेशी करेंसी का है।

  • करोड़ों की चपत: भरोसा होने पर वे पीड़ित से लाखों रुपये लेकर यह नकली बंडल थमा देते थे।

  • अवैध निवास: आरोपियों ने बताया कि वे पिछले 8 साल से अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं और दिल्ली, मुंबई, और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में लोगों को अपना शिकार बनाते थे।


पुलिस की सतर्कता से पकड़े गए

वजीरगंज थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तत्काल कार्रवाई की और डालीगंज पुल के नीचे से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश त्रिपाठी और उनकी टीम ने इस अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पकड़े गए आरोपियों के अन्य राज्यों में आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की सतर्कता से लखनऊ में एक बड़ी ठगी की वारदात होने से बच गई है।

इसे विदेशी नागरिकों की अवैध गतिविधियों और साइबर/आर्थिक अपराधों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।