Varanasi News: मणिकर्णिका विवाद पर प्रशासन की सफाई— 'AI से बना है मूर्ति तोड़ने का वीडियो, कंपन से खुद गिरी कलाकृतियाँ'

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर अहिल्याबाई की मूर्ति और मढ़ी विवाद पर डीएम और मंत्रियों ने दी सफाई। कहा- कंपन से हुआ नुकसान, एआई से बना है वायरल वीडियो।

Jan 17, 2026 - 13:43
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Varanasi News: मणिकर्णिका विवाद पर प्रशासन की सफाई— 'AI से बना है मूर्ति तोड़ने का वीडियो, कंपन से खुद गिरी कलाकृतियाँ'
Varanasi News: मणिकर्णिका विवाद पर प्रशासन की सफाई— 'AI से बना है मूर्ति तोड़ने का वीडियो, कंपन से खुद गिरी कलाकृतियाँ'

वाराणसी। महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर चल रहे जीर्णोद्धार कार्य के दौरान अहिल्याबाई की मूर्ति और प्राचीन मढ़ी को लेकर उपजे विवाद ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। पिछले पांच दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 'मढ़ी तोड़ने' के वीडियो पर शुक्रवार को मंत्री, विधायक, मेयर और जिला प्रशासन ने एक स्वर में सफाई दी। अधिकारियों का दावा है कि वायरल वीडियो AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा निर्मित है और किसी भी मूर्ति को जानबूझकर नहीं तोड़ा गया है।

ड्रिलिंग के कंपन से हुआ नुकसान: विधायक नीलकंठ तिवारी

शहर दक्षिणी विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी और मेयर अशोक तिवारी ने नगर आयुक्त के साथ घाट का निरीक्षण किया। विधायक ने स्पष्ट किया कि घाट किनारे चल रही भारी ड्रिलिंग के कारण उत्पन्न हुए कंपन (Vibration) से कुछ कलाकृतियां स्वतः क्षतिग्रस्त हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मढ़ियों की बात हो रही है, उनमें मूर्तियां तो हैं लेकिन उनकी प्राण प्रतिष्ठा नहीं हुई थी।

विपक्ष पर हमलावर हुए मंत्री रविंद्र जायसवाल

राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "एआई का इस्तेमाल कर विपक्ष लोगों को गुमराह कर रहा है। यदि निर्माण से पहले मूर्तियों को हटा लिया जाता, तो शायद यह विवाद नहीं होता।" उन्होंने यह भी याद दिलाया कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के समय भी इसी तरह की भ्रामक खबरें फैलाई गई थीं।

क्या है प्रशासन का पक्ष?

  • डीएम सत्येंद्र कुमार: "मूर्तियां पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें संरक्षित करके रखा गया है। निर्माण कार्य पूरा होते ही उन्हें यथास्थान स्थापित किया जाएगा। सोशल मीडिया पर चल रहे दावे निराधार हैं।"

  • नगर विकास मंत्री एके शर्मा: "पीएम मोदी के नेतृत्व में काशी की भव्यता को नई दिशा मिल रही है। मणिकर्णिका का पुनर्विकास इसी कड़ी का हिस्सा है।"

धार्मिक संस्थाओं और संतों की राय

  • काशी विद्वत परिषद्: परिषद ने जिला प्रशासन के साथ ऑनलाइन बैठक कर सुझाव दिया कि धरोहरों पर किसी भी कार्य से पहले शास्त्रीय निरीक्षण के लिए परिषद से परामर्श लिया जाना चाहिए।

  • संत समिति: महासचिव जितेंद्रानंद ने स्पष्ट किया कि घटना मणिकर्णिका पर नहीं बल्कि जलासेन घाट (जहाँ चिता जलती है) पर हुई है। उन्होंने शास्त्र विधि से जीर्णोद्धार की बात कही।

  • मणिकर्णिका तीर्थ न्यास: अध्यक्ष गौरव द्विवेदी ने सुझाव दिया कि आबादी और प्रदूषण को देखते हुए श्मशान को आदिकेशव घाट पर विस्थापित किया जाए।

कांग्रेस का विरोध: 'विरासत खत्म कर रही भाजपा'

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इस कार्य को तत्काल रोकने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार वाराणसी की प्राचीन विरासत को नष्ट कर रही है। उन्होंने मांग की कि धार्मिक नेताओं की सलाह के बिना कोई कदम न उठाया जाए।


एक नजर: मणिकर्णिका जीर्णोद्धार परियोजना

  • लागत: ₹17.56 करोड़ (रूपा फाउंडेशन, कोलकाता द्वारा वित्तपोषित)।

  • प्रमुख बदलाव: 32 शवदाह प्लेटफार्म, प्रदूषण रहित चिमनी, वुड प्लाजा, वीआईपी वेटिंग एरिया और दिव्यांगों के लिए रैंप।

  • संरक्षण: चक्र पुष्करणी कुंड, रत्नेश्वर महादेव और तारकेश्वर मंदिर का भी होगा जीर्णोद्धार।