Varanasi News: चार दशकों की बैंकिंग सेवा का हुआ भावपूर्ण सम्मान; इंडियन बैंक इम्प्लाइज यूनियन ने प्रमोद कुमार द्विवेदी को दी विदाई

इंडियन बैंक इम्प्लाइज यूनियन वाराणसी ने प्रमोद कुमार द्विवेदी की सेवानिवृत्ति पर अभिनंदन समारोह आयोजित किया। सम्पूर्णानन्द विवि के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने की अध्यक्षता।

Jan 19, 2026 - 11:34
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Varanasi News: चार दशकों की बैंकिंग सेवा का हुआ भावपूर्ण सम्मान; इंडियन बैंक इम्प्लाइज यूनियन ने प्रमोद कुमार द्विवेदी को दी विदाई

वाराणसी से अश्वनी सेठ की रिपोर्ट 

वाराणसी। इंडियन बैंक इम्प्लाइज यूनियन, उत्तर प्रदेश (वाराणसी जिला इकाई) द्वारा रविवार, 18 जनवरी 2026 को एक गरिमामय अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। यह समारोह सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के पाणिनी भवन में शिवपुरवा शाखा से सेवानिवृत्त हुए वरिष्ठ कर्मचारी और संगठन के समर्पित पदाधिकारी प्रमोद कुमार द्विवेदी के सम्मान में आयोजित हुआ।

कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने की अध्यक्षता

समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंगलाचरण और अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। पाणिनी भवन का वातावरण उस समय अत्यंत भक्तिमय और शास्त्रीय हो गया जब संस्कृत श्लोकों के माध्यम से श्री द्विवेदी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का भावपूर्ण वर्णन किया गया।

कर्तव्यनिष्ठा और ट्रेड यूनियन नेतृत्व की सराहना

समारोह के दौरान वक्ताओं ने द्विवेदी के लगभग चार दशक (40 वर्ष) लंबे बैंकिंग सेवाकाल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। वक्ताओं ने उनके कार्यकाल से जुड़े कई संस्मरण साझा करते हुए कहा कि:

  • सादगी और ईमानदारी: द्विवेदी अपनी कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और ग्राहकों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण के लिए जाने जाते रहे।

  • संगठनात्मक शक्ति: ट्रेड यूनियन आंदोलन में उनकी भूमिका अग्रणी रही। उनके नेतृत्व और संगठनात्मक कौशल ने इंडियन बैंक इम्प्लाइज यूनियन को वाराणसी जिले में एक नई मजबूती प्रदान की।

  • प्रेरणास्रोत: विचार, वाणी और कर्म में समानता रखने वाला उनका व्यक्तित्व नई पीढ़ी के बैंककर्मियों के लिए एक जीवंत उदाहरण है।

अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न से सम्मान

सम्मान की कड़ी में प्रमोद कुमार द्विवेदी को अंगवस्त्र, स्मृति-चिह्न और विशेष अभिनंदन पत्र प्रदान किया गया। अपने संबोधन में भावुक होते हुए द्विवेदी ने कहा, "यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि उन सभी साथियों का है जिन्होंने दशकों तक मेरा सहयोग किया। संगठन की सामूहिक शक्ति ही मेरी असली पूंजी है।"

उपस्थिति

इस अवसर पर इंडियन बैंक इम्प्लाइज यूनियन के पदाधिकारी, बैंक कर्मचारी, प्रमुख शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में उनके शुभचिंतक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।