Varanasi News: ब्रह्मघाट पर गूँजे 'जय सियाराम' के जयकारे; टोपी वाले हनुमान जी के नवां कीर्तन में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

वाराणसी के राजमंदिर ब्रह्मघाट स्थित गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा स्थापित हनुमान मंदिर में नवां कीर्तन आयोजित। श्रद्धालुओं ने श्रीराम-हनुमान के भजनों से बांधा समां।

Jan 19, 2026 - 11:12
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Varanasi News: ब्रह्मघाट पर गूँजे 'जय सियाराम' के जयकारे; टोपी वाले हनुमान जी के नवां कीर्तन में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

वाराणसी से अश्वनी सेठ की रिपोर्ट 

वाराणसी। मोक्षनगरी काशी के ब्रह्मघाट स्थित, गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा स्थापित ऐतिहासिक दक्षिण मुखी टोपी वाले हनुमान जी (राजमंदिर) के दरबार में रविवार को भक्ति की अविरल धारा बही। अवसर था मंदिर के नवां कीर्तन का, जिसे श्रद्धालुओं और कीर्तन प्रेमियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से भव्य और स्मरणीय बना दिया।

भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम

कीर्तन कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11 बजे हुआ, जो दोपहर 1 बजे तक निरंतर चलता रहा। जैसे-जैसे कीर्तन आगे बढ़ा, वैसे-वैसे संपूर्ण वातावरण “जय सियाराम” और “जय हनुमान” के पावन उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। सामूहिक रूप से किए गए भजन-कीर्तन ने उपस्थित भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। मंदिर परिसर में अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा का एक अनूठा संगम देखने को मिला।

भक्तों की सक्रिय सहभागिता

इस पुनीत आयोजन में काशी के विभिन्न क्षेत्रों से आए कीर्तन प्रेमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से जितेंद्र खनेजा, बलदाऊ, सागर प्रजापति, हिमांशु चौरसिया, किशन चौरसिया, नवीन चौरसिया, रामानुज, योगेश्वर, लकी, आयुष और संतोष आदि ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।

सुख-समृद्धि की कामना के साथ समापन

कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। अंत में आरती के पश्चात भक्तों ने संकटमोचन हनुमान जी से काशी के कल्याण और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की मंगल कामना की। आयोजकों ने बताया कि भक्तों के इसी उत्साह और सहयोग से यह आयोजन प्रतिवर्ष नई ऊंचाइयों को छू रहा है।