Varanasi News: काशी में सजने जा रहा है 'ग़ज़ल कुंभ'; नेपाल के बसंत चौधरी फाउंडेशन के सौजन्य से जुटेंगे देश-विदेश के सैकड़ों शायर
सरदार पटेल धर्मशाला वाराणसी में बसंत चौधरी फाउंडेशन द्वारा 17वें ग़ज़ल कुंभ का आयोजन। दीक्षित दनकौरी की देखरेख में देश-विदेश के शायर बिखेरेंगे जलवा।
वाराणसी। साहित्य और कला की वैश्विक नगरी काशी में ग़ज़ल विधा को समर्पित एक ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। बसंत चौधरी फाउंडेशन, नेपाल के सौजन्य से दो दिवसीय 'ग़ज़ल कुंभ' का 17वाँ संस्करण इस बार सरदार पटेल धर्मशाला, वाराणसी में आयोजित किया जा रहा है। ग़ज़ल प्रेमियों के लिए यह कुंभ किसी उत्सव से कम नहीं होगा, जहाँ एक ही मंच से ग़ज़ल की मधुर तान सुनाई देगी।
सैकड़ों शायरों का होगा संगम
कार्यक्रम संयोजक और प्रख्यात शायर दीक्षित दनकौरी ने बताया कि इस 17वें आयोजन में देश-विदेश के सैकड़ों वरिष्ठ और नवोदित शायर एवं शायरा हिस्सा ले रहे हैं। विशेष बात यह है कि वाराणसी के भी लगभग 30-35 प्रतिष्ठित ग़ज़लकार इस कुंभ में अपनी प्रस्तुति देंगे।
प्रमुख सत्र और उनकी अध्यक्षता
10 जनवरी से शुरू होने वाले इस आयोजन को विभिन्न सत्रों में विभाजित किया गया है:
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प्रथम सत्र (दोपहर 2 बजे): इसकी अध्यक्षता लखनऊ के वरिष्ठ शायर भूपेंद्र सिंह होश करेंगे।
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मुख्य सत्र (रात्रि 8 बजे): वाराणसी के वरिष्ठ कवि एवं पूर्व जिला जज चंद्रभाल सुकुमार इस सत्र की अध्यक्षता करेंगे।
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तृतीय सत्र (देर रात्रि): देहरादून के वरिष्ठ शायर अंबर खरबंदा इस सत्र के अध्यक्ष होंगे।
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चौथा सत्र (11 जनवरी, दोपहर 3 बजे): बुलंदशहर के वरिष्ठ शायर डॉ. इरशाद अहमद शरर की अध्यक्षता में समापन की ओर बढ़ेगा।
सम्मान और मुख्य अतिथि
नेपाल के वरिष्ठ कवि और समाजसेवी बसंत चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि 'दैनिक अमर भारती' के शैलेन्द्र जैन विशिष्ट अतिथि होंगे। इस गौरवशाली मंच से प्रतापगढ़ की वरिष्ठ शायरा अरुणिमा सक्सेना को 'ग़ज़ल कुंभ 2026' सम्मान से नवाजा जाएगा।