अलीगढ़ महिला कांस्टेबल आत्महत्या पिता का दर्द: ‘मेरी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती, रात को ही फोन पर हुई थी बात…’, पिता ने लगाया दबाव और तनाव का आरोप
Aligarh Mahila Constable Aatmhatya Pita Ka Dard: अलीगढ़ में महिला कांस्टेबल हेमलता के पिता ने लगाया 'दबाव और तनाव' का आरोप। कहा- बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती, CDR खंगालने की मांग।
अलीगढ़, उत्तर प्रदेश: अलीगढ़ में रोरावर थाने में तैनात महिला कांस्टेबल हेमलता चाहर (28 वर्ष) के आत्महत्या मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मृतका के पिता करमवीर सिंह ने बेटी के आत्मघाती कदम पर संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने साफ कहा है कि उनकी बेटी का स्वभाव ऐसा नहीं था कि वह इस तरह टूट जाए, और "उसने जरूर किसी के दबाव या तनाव में आकर यह खौफनाक कदम उठाया है।"
पिता ने पुलिस से मामले की तह तक जाकर जांच करने और सीसीटीवी कैमरे व सीडीआर (CDR) खंगालने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
शादी की तैयारी के लिए मिली थी छुट्टी
हेमलता चाहर मूलरूप से आगरा के किरावली इलाके की रहने वाली थीं और 2016 बैच में पुलिस विभाग में भर्ती हुई थीं। वह बन्नादेवी क्षेत्र के जवाहर नगर में किराए के मकान में अकेली रहती थीं।
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अंतिम बातचीत: पिता करमवीर सिंह ने बताया कि रात को ही बेटी से फोन पर बातचीत हुई थी। उसे अपने चाचा की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए आगरा जाने हेतु छुट्टी भी मिल गई थी।
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सामान्य व्यवहार: पिता ने कहा, "वो बिल्कुल ठीक लग रही थी। फिर इस तरह का कदम कैसा उठा सकती है?" परिवार हेमलता की शादी की भी तैयारी कर रहा था।
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सहकर्मियों का मत: उसकी साथी पुलिसकर्मियों ने भी बताया कि हेमलता का स्वभाव बहुत अच्छा था और उसने शुक्रवार को भी थाने में अन्य महिला पुलिसकर्मियों से सामान्य तरीके से बात की थी।
WhatsApp स्टेटस पर लिखा था 'माफ कर देना'
शनिवार दोपहर को, जब हेमलता ड्यूटी पर नहीं पहुंचीं, तो एक साथी पुलिसकर्मी ने उनका वॉट्सऐप स्टेटस देखा।
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अंतिम संदेश: हेमलता ने अपने व्हॉट्सऐप स्टेटस पर केवल इतना ही लिखा था: "हो सके तो सभी मुझे माफ कर देना। मैं किसी को हर्ट नहीं करना चाहती।"
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पुलिस का एक्शन: स्टेटस देखकर पुलिस मकान पर पहुंची और हेमलता को छत के पंखे से फंदे पर लटका पाया।
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जांच: सीओ द्वितीय कमलेश कुमार ने बताया कि आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन पुलिस हेमलता के फोन की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) खंगाल रही है, ताकि किसी व्यक्तिगत या विभागीय दबाव का पता चल सके।
पुलिस अधिकारियों ने जांच को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं।