मुरादाबाद फर्जी फर्म आधार ओटीपी फ्रॉड: 12 हजार की नौकरी वाले के नाम पर 124 फर्म रजिस्टर्ड, करोड़ों की GST चोरी; पुलिस ने किया फ्रॉड का भंडाफोड़
Moradabad Farzi Firm Aadhaar OTP Fraud: मुरादाबाद में 12 हजार की नौकरी वाले अंकित कुमार के नाम पर 124 फर्जी फर्म रजिस्टर्ड। लोन के नाम पर आधार OTP फ्रॉड से करोड़ों की कर चोरी।
मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पहचान की चोरी (Identity Theft) और आधार OTP धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। राज्य कर विभाग ने सिविल लाइंस थाने में लखनऊ के रहने वाले एक युवक अंकित कुमार के खिलाफ 124 फर्जी फर्मों के रजिस्ट्रेशन और करोड़ों रुपये के राजस्व चोरी का मामला दर्ज कराया था।
हालांकि, जब पुलिस ने अंकित कुमार से संपर्क किया तो पता चला कि वह केवल ₹12,000 महीने की नौकरी करता है और उसका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत नहीं है। उसने बताया कि लोन आवेदन के दौरान धोखे से दिए गए आधार OTP का इस्तेमाल करके उसके दस्तावेजों पर यह फर्जीवाड़ा किया गया था।
कैसे हुआ 124 फर्मों का रजिस्ट्रेशन?
अंकित कुमार पर आरोप था कि उसके मोबाइल नंबर और दस्तावेजों का इस्तेमाल करके 'एके एंटरप्राइजेज' जैसी लगभग 124 फर्जी फर्मों का रजिस्ट्रेशन किया गया, जिसके जरिए करोड़ों रुपये की कर चोरी की गई।
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पीड़ित की कहानी: अंकित कुमार ने बताया कि चाचा के निधन के बाद पैसों की जरूरत पड़ने पर उसने एक लोन के लिए आवेदन किया था। लोन देने वालों ने उससे आधार वेरिफिकेशन के बहाने धोखे से एक ओटीपी लिया था, जिसे उसने दे दिया।
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दस्तावेजों का दुरुपयोग: अंकित का मानना है कि इसी ओटीपी का गलत इस्तेमाल करके उसके आधार और अन्य दस्तावेजों से ये सभी 124 फर्जी फर्म रजिस्टर्ड की गईं। उसे न तो लोन मिला और न ही कोई EMI कटी।
मुरादाबाद पुलिस ने की सही अपराधियों की गिरफ्तारी
इस मामले में मुरादाबाद पुलिस और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का धन्यवाद करते हुए अंकित कुमार ने खुद को निर्दोष बताया।
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पुलिस कार्रवाई: मुरादाबाद पुलिस ने इस मामले की गहन जांच की और सही आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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अंकित का बयान: अंकित ने मुरादाबाद आकर अपने बयान दर्ज कराए और पुलिस को इस पूरे मामले की सही जानकारी दी। उसने कहा, "मैं मुरादाबाद पुलिस का धन्यवाद करना चाहता हूं कि उन्होंने सही अपराधी को पकड़ा।"
यह मामला साइबर क्राइम और आधार-आधारित धोखाधड़ी के बढ़ते खतरों को उजागर करता है, जहां लोन या वेरिफिकेशन के बहाने लोगों के OTP चुराकर उनकी पहचान से बड़ा फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।