अलवर पति की हत्या उम्रकैद: 'तकिए से गला दबा दो…', एक महीने बाद शराब ने उगलवाया सारा राज; पत्नी और प्रेमी को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद
Alwar Pati Ki Hatya Umraqaid: अलवर में पत्नी और प्रेमी को तकिए से पति की हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास। एक महीने बाद शराब पिलाने पर प्रेमी ने उगल दिया था सारा राज।
अलवर, राजस्थान: राजस्थान के अलवर जिले से चार साल पुराने एक सनसनीखेज हत्याकांड में कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। डीजे कोर्ट नंबर-3 ने पति रामजीलाल की हत्या के आरोप में उनकी पत्नी पूनम और प्रेमी नरेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इन दोनों ने मिलकर तकिए से रामजीलाल का गला घोंटकर हत्या कर दी थी और मौत को सामान्य बताकर अगले ही दिन अंतिम संस्कार भी कर दिया था।
हत्या के करीब एक महीने बाद, परिजनों ने प्रेमी नरेंद्र को शराब पिलाई, जिसके बाद उसने नशे में धुत होकर पूरी हत्या की कहानी उगल दी, जिसे मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया गया था।
अवैध संबंध और साजिश
यह जघन्य हत्याकांड मालाखेड़ा थाना क्षेत्र के बडेर गांव का है।
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संबंध: मृतक रामजीलाल की पत्नी पूनम और उसके मौसेरे भाई नरेंद्र के बीच अवैध संबंध थे। रामजीलाल उनके संबंधों में बाधा बन रहा था।
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हत्या का तरीका: घटना 15 फरवरी 2022 की रात की है। माता-पिता के शादी में जाने के बाद, पूनम ने प्रेमी नरेंद्र को घर बुलाया। रामजीलाल के शराब पीकर लौटने पर, दोनों ने मिलकर तकिए से मुंह दबाकर रामजीलाल को मौत के घाट उतार दिया।
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हत्या को छिपाना: चूंकि रामजीलाल को नशे की आदत थी, पूनम ने परिजनों से पति को अचेत अवस्था में पड़ा बताकर मौत को सामान्य ठहराया। अगले दिन उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
शराब पिलाकर उगलवाया गया सच
पूनम और नरेंद्र लगभग 12 दिन तक सामान्य व्यवहार करते रहे। लेकिन करीब एक महीने बाद रामजीलाल के परिजनों को कुछ बातें संदिग्ध लगीं।
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खुलासा: परिवार के कुछ सदस्यों ने नरेंद्र को शराब पिलाई और उससे घटना के बारे में पूछताछ की। नशे में चूर नरेंद्र ने पूनम के बुलाने, तकिए से मुंह दबाने और हत्या की पूरी कहानी उगल दी।
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सबूत: परिजनों ने उसकी बातें मोबाइल में रिकॉर्ड कर लीं और इसी आधार पर मालाखेड़ा थाने में मामला दर्ज कराया गया।
चार साल बाद मिला न्याय
22 मार्च 2022 को पुलिस गिरफ्तारी करने पहुंची, तो पूनम अपने दोनों बेटों (5 और 3 साल) के साथ गहने लेकर प्रेमी नरेंद्र के साथ फरार हो गई। पुलिस ने कुछ दिनों बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
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अदालत का फैसला: कोर्ट ने मोबाइल रिकॉर्डिंग, घटनास्थल के सबूत, जांच रिपोर्ट, 12 गवाहों के बयान और 18 दस्तावेजों को प्रमाणिक मानते हुए इसे सोची-समझी योजना के तहत की गई हत्या करार दिया।
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सजा: अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
अलवर पति की हत्या उम्रकैद के इस फैसले से पीड़ित परिवार को चार साल बाद न्याय मिला है।