बेतिया गोरखपुर पुल: यूपी से बिहार की दूरी होगी और कम… गंडक नदी पर सड़क सह पुल प्रोजेक्ट को मिली वित्तीय मंजूरी, सफर होगा आसान

Betia Gorakhpur Pul: केंद्र सरकार ने बेतिया से गोरखपुर को जोड़ने वाले सड़क सह पुल प्रोजेक्ट को वित्तीय मंजूरी दी। 29 किलोमीटर का मार्ग बनने से बिहार से यूपी का सफर होगा आसान।

Nov 24, 2025 - 13:45
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बेतिया गोरखपुर पुल: यूपी से बिहार की दूरी होगी और कम… गंडक नदी पर सड़क सह पुल प्रोजेक्ट को मिली वित्तीय मंजूरी, सफर होगा आसान

बेतिया/गोरखपुर: बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को ऐतिहासिक मजबूती मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने बेतिया गोरखपुर पुल (Betia Gorakhpur Pul) प्रोजेक्ट को वित्तीय मंजूरी दे दी है, जिसके बाद इसके टेंडर का रास्ता साफ हो गया है। गंडक नदी पर बनने वाला यह सड़क सह पुल तैयार होने के बाद, बिहार से उत्तर प्रदेश आना-जाना काफी आसान हो जाएगा और लोगों का समय भी बचेगा

अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधीन PPPAC (पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप एप्रेजल कमेटी) की बैठक में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई। अब इसे अंतिम अनुमोदन के लिए केंद्रीय कैबिनेट के समक्ष भेजा जाएगा।


15 छोटे पुलों के साथ 29 किमी का मार्ग

यह पुल बिहार के सबसे बड़े पुलों में से एक होगा, जो दो राज्यों को सीधे जोड़ेगा:

  • जोड़ने वाले बिंदु: यह पुल बिहार में बेतिया के मनुआपुल को यूपी के कुशीनगर में तिवारीपट्टी सेवराही से जोड़ेगा।

  • लंबाई: पुल की कुल लंबाई 12.036 किलोमीटर होगी और सड़क सहित इसकी कुल लंबाई 29 किलोमीटर है।

  • संरचना: इस मार्ग में छोटे-छोटे 15 पुलों का भी निर्माण होगा।

चूंकि गोरखपुर-सिलीगुड़ी सड़क में गंडक नदी पर एक छह लेन का पुल इसके आठ किलोमीटर की दूरी पर बनना है, इसलिए इस पुल को दो लेन का बनाने की मंजूरी दी गई है।


तारीघाट-बारा हाईवे बनेगा 'ग्रीन हाईवे'

इसी के साथ, बिहार को जोड़ने वाले तारीघाट-बारा नेशनल हाईवे 124 सी को उत्तर प्रदेश वन विभाग द्वारा 'ग्रीन हाईवे' बनाने पर काम शुरू किया गया है।

  • पौधारोपण: वन विभाग ने हाईवे के दोनों ओर विभिन्न प्रजातियों के फलदार, छायादार, शोभाकार और औषधीय पौधे लगाने का काम तेजी से शुरू कर दिया है।

  • लागत और पौधे: पहले चरण में लगभग 12 किलोमीटर के दायरे में पौधारोपण किया जा रहा है, जिसमें करीब दस लाख रुपये की लागत आएगी और कुल 450 पौधे लगाए जाएंगे।

  • प्रजातियाँ: इनमें आम, पीपल, महोगनी, इमातरी, महुआ, नीम, पाकर, बरगद, जामुन और बेल जैसी विभिन्न प्रजातियाँ शामिल हैं।

यह पहल न सिर्फ बेतिया गोरखपुर पुल से कनेक्टिविटी बेहतर करेगी, बल्कि राहगीरों को सुंदर और हरियाली से भरा नज़ारा भी देखने को मिलेगा।