भोपाल फर्जी वोटर लिस्ट नरेला: एक घर में 29 फर्जी वोटर, दिग्विजय सिंह का आरोप- 'पूरी SIR प्रक्रिया ही धोखाधड़ी वाली'; RSS कार्यालय का मामला
Bhopal Farzi Voter List Narela: दिग्विजय सिंह का आरोप, नरेला में RSS कार्यालय के पते पर 29 फर्जी वोटर रजिस्टर्ड। बोले, 'पूरी SIR प्रक्रिया ही धोखाधड़ी वाली है।'
भोपाल, मध्य प्रदेश: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने शनिवार को भोपाल जिले की नरेला विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। दिग्विजय सिंह ने दावा किया है कि नरेला के एक ही पते पर 29 फर्जी मतदाता पंजीकृत किए गए हैं, जिनका आपस में कोई संबंध नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि "पूरी एसआईआर प्रक्रिया ही धोखाधड़ी वाली है" और इस मामले में उन्होंने सीधे RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) को घेरा है।
शिक्षक संघ के कार्यालय में 30 वोटर्स
दिग्विजय सिंह ने भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र में पुष्पा नगर के मतदान केंद्र 189 का दौरा किया।
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मकान संख्या 70: उन्होंने बताया कि बूथ संख्या 189 के मकान संख्या 70 में, जहाँ मध्य प्रदेश शिक्षक संघ का कार्यालय स्थित है, वहाँ 30 लोगों का निवास दिखाया गया है।
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वास्तविक संख्या: दिग्विजय सिंह ने कहा कि वास्तव में वहाँ केवल एक ही व्यक्ति रहता है, जबकि शेष 29 नाम फर्जी जोड़े गए हैं, जिनका आपस में कोई संबंध नहीं है।
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RSS कनेक्शन: उन्होंने आरोप लगाया कि "यह आरएसएस का कार्यालय है। अगर ऐसी धोखाधड़ी उस जगह हो रही है, जहाँ आरएसएस की बैठकें होती हैं, तो इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए?"
गिनकर बताओ कितने नाम?
दिग्विजय सिंह ने मौके पर मौजूद बीएलओ (BLO) प्रतिमा भीलवारे को वोटर लिस्ट देकर नाम गिनने को कहा।
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बीएलओ की प्रतिक्रिया: बीएलओ ने 28 तक नाम गिने। इस पर दिग्विजय सिंह ने पूछा कि क्या किसी मकान में 10 से अधिक लोग रह रहे हों, तो सहायक निर्वाचन अधिकारी को आकर देखने के निर्देश भारत निर्वाचन आयोग ने दिए हैं? इस पर बीएलओ ने अनभिज्ञता जाहिर की।
धोखाधड़ी पर कार्रवाई की मांग
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि उन्होंने बीएलओ, सुपरवाइजर और एआरओ (ARO) से मिलने की कोशिश की, लेकिन कोई अधिकारी उनसे नहीं मिला।
भोपाल फर्जी वोटर लिस्ट नरेला का यह मामला एसआईआर प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है, जिस पर चुनाव आयोग से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की गई है।