बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन IIM बोधगया: CM फेलोशिप योजना पर MOU साइन, 2 साल के लिए जुड़ेंगे युवा विशेषज्ञ; प्रशासनिक ढांचे को मिलेगी नई दिशा
Bihar Prashasnik Sudhar Mission IIM Bodh Gaya: बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन और IIM बोधगया के बीच MOU साइन। मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के तहत युवा विशेषज्ञ 2 साल के लिए प्रशासनिक सुधार से जुड़ेंगे।
पटना, बिहार: बिहार के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, गुरुवार को बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन (BPSM) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बोधगया के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना का हिस्सा है।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि इस पहल का प्रभाव बिहार के प्रशासनिक ढांचे को एक नई दिशा देगा और राज्य में विकास के लिए गति प्रदान करेगा। अगले साल अप्रैल से चयनित फेलो बिहार की प्रशासनिक प्रणाली को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे।
क्या है मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना?
इस योजना का उद्देश्य प्रशासनिक स्तर पर युवा और अनुभवी विषय विशेषज्ञों को जोड़कर नीति निर्माण, कार्यान्वयन और निर्णय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
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कार्यान्वयन: योजना का कार्यान्वयन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा IIM बोधगया के सहयोग से बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी के माध्यम से किया जाएगा।
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अवधि: फेलोशिप की अवधि दो वर्ष होगी, जिसे बाद में दो-दो वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकता है।
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योग्यता: यह योजना विशेष रूप से बिहार राज्य के मूल निवासियों के लिए है, जिसमें राज्य सरकार के प्रचलित आरक्षण नियमों का पालन किया जाएगा।
IIM बोधगया का प्रमाण पत्र
चयनित फेलो राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों (जिला और प्रमंडल स्तर सहित) में नीति निर्माण और कार्यान्वयन में सहायता प्रदान करेंगे।
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पुरस्कार: दो वर्षों की सफल सेवा के बाद, उन्हें IIM बोधगया से सार्वजनिक नीति (Public Policy) और Good Governance में प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
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प्रवेश प्रक्रिया: IIM बोधगया दिसंबर 2025 में फेलोशिप के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू करेगा।
आईआईएम बोधगया की निदेशक डॉ. विनिता सहाय ने कहा कि यह एक अभूतपूर्व अवसर है, जहाँ बिहार के युवा अपनी कौशल को न केवल राज्य सरकार में, बल्कि देशभर में एक नई पहचान दे सकेंगे।
मुख्य सचिव का संदेश
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि बिहार उन अग्रणी राज्यों में से एक है, जिन्होंने ऐसी पहल शुरू की है। यह एक नई सोच, नवाचार और दक्षताओं का प्रतीक है।