हैदराबाद परिवार आत्महत्या: 'ईश्वर बुला रहा है…', बेटी की मौत का सदमा और आर्थिक तंगी बनी वजह; पूरे परिवार ने एक साथ लगाई फांसी
Hyderabad Parivar Aatmhatya: बड़ी बेटी की मौत के सदमे और आर्थिक तंगी के कारण हैदराबाद में पूरे परिवार (पति, पत्नी और छोटी बेटी) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घर से सुसाइड नोट बरामद।
हैदराबाद, तेलंगाना: हैदराबाद के अंबरपेट स्थित मल्लिकार्जुन नगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने एक साथ आत्महत्या कर ली। मृतकों में श्रीनिवास, उनकी पत्नी विजयलक्ष्मी, और उनकी दस साल की छोटी बेटी श्रव्या शामिल हैं।
यह पूरा परिवार हाल ही में अपनी सबसे बड़ी बेटी काव्या की असामयिक मृत्यु के सदमे में था। साथ ही, परिवार कथित तौर पर आर्थिक तंगी से भी जूझ रहा था। उनके घर से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने यह कदम उठाने के पीछे की वजह बताई है।
पड़ोसियों को दे गए थे दर्दनाक हिंट
स्थानीय लोगों ने बताया कि श्रीनिवास और विजयलक्ष्मी अपनी बड़ी बेटी काव्या की मौत के बाद से गहरे सदमे में थे।
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अंधविश्वास का हिंट: पड़ोसियों के पूछने पर पति-पत्नी ने कुछ लोगों से कहा था कि, "बेटी चली गई है, भगवान उन्हें भी बुला रहे हैं।"
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खुदकुशी: इसी अंधविश्वास और दुख के माहौल में, परिवार ने अपनी जिंदगी खत्म करने का फैसला कर लिया। दो दिन तक जब घर से कोई बाहर नहीं आया, तो श्रीनिवास के करीबी रिश्तेदार उनके घर पहुँचे।
वेंटिलेटर और खिड़की से लटके मिले शव
रिश्तेदारों ने घर पर जाकर देखा, तो तीनों के शव बुरी हालत में पड़े हुए थे:
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पति (श्रीनिवास): मेन गेट के वेंटिलेटर से लटककर आत्महत्या की।
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पत्नी और बेटी (विजयलक्ष्मी और श्रव्या): दोनों ने अपने कमरे में खिड़की की लोहे की छड़ से साड़ियों का फंदा बनाकर आत्महत्या की।
सुसाइड नोट में लिखा दर्द
पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट भी बरामद किया है। इस नोट में पति-पत्नी ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि वे अपनी बड़ी बेटी काव्या के पास जा रहे हैं।
पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और मामले की कार्रवाई में जुट गई है। हैदराबाद परिवार आत्महत्या की इस त्रासदी ने समाज में भावनात्मक सहारे और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।