चेन्नई SIR फॉर्म से पकड़ा गया हत्यारा: 21 साल से 'रफीक' बन रह रहा था राजेंद्रन, चुनाव आयोग के SIR फॉर्म से हुआ खुलासा
Chennai SIR Form Se Pakda Gaya Hatyara: 21 साल पहले हत्या कर नाम बदलकर फरार चल रहा राजेंद्रन, SIR फॉर्म से पकड़ा गया। धर्म बदलकर 'रफीक' बन रह रहा था।
चेन्नई, तमिलनाडु: तमिलनाडु के एन्नोर में 21 साल पहले हुए एक हत्याकांड के मुख्य आरोपी राजेंद्रन को पुलिस ने कर्नाटक के बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी का आधार बना चुनाव आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) फॉर्म।
पुलिस जांच में पता चला कि राजेंद्रन ने गिरफ्तारी से बचने के लिए धर्म परिवर्तन कर लिया था और पिछले दो दशकों से 'रफीक' नाम से बेंगलुरु में एक नए निवासी के रूप में रह रहा था। चेन्नई SIR फॉर्म से पकड़ा गया हत्यारा की यह कहानी दिखाती है कि डिजिटल डेटा और प्रशासनिक प्रक्रियाएं कैसे सालों पुराने अपराधों की गुत्थी सुलझा सकती हैं।
बेटे ने भरा था SIR फॉर्म
पुलिस ने बताया कि SIR प्रक्रिया के तहत जब मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण चल रहा था, तब राजेंद्रन के बेटे ने अपने SIR फॉर्म में अपने पिता का विवरण दर्ज कर दिया।
-
सुराग: इसी विवरण के आधार पर पुलिस को राजेंद्रन के ठिकाने के बारे में पता चला।
-
धर्म परिवर्तन: पुलिस को राजेंद्रन के बेटे से पूछताछ के दौरान पता चला कि राजेंद्रन ने इस्लाम धर्म अपना लिया है और अपना नाम बदलकर रफीक रख लिया है।
-
गिरफ्तारी: स्पेशल टास्क फोर्स ने राजेंद्रन को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया और उसे एन्नोर पुलिस स्टेशन लाकर पूछताछ कर रही है।
क्या था 21 साल पुराना हत्याकांड?
राजेंद्रन पर आरोप है कि 21 साल पहले उसने एन्नोर में एक क्लाइंट की हत्या कर दी थी, जिसके बाद वह चेन्नई से भाग गया था और केरल तथा कर्नाटक में घूम रहा था।
-
कारण: बताया जाता है कि राजेंद्रन एन्नोर में एक सेक्स वर्कर था और क्लाइंट से हुए विवाद में उसने उसकी हत्या कर दी थी।
पुरुलिया का किस्सा भी आया सामने
इस गिरफ्तारी से पहले, पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले से 37 साल पहले (1988) लापता हुए विवेक चक्रवर्ती ने भी SIR फॉर्म के जरिए अपने परिवार तक पहुंच बनाई थी।