जयपुर शिव मंदिर अतिक्रमण नोटिस: भोलेनाथ के नाम पर चिपकाया अवैध कब्जे का पर्चा, जवाब के लिए 7 दिन का अल्टीमेटम; बजरंग दल ने दी राजस्थान बंद की चेतावनी
Jaipur Shiv Mandir Atikraman Notice: जयपुर के वैशाली नगर में JDA ने शिव मंदिर को अवैध कब्जे का नोटिस चिपकाया। 1.59 मीटर अतिक्रमण का आरोप, 7 दिन का अल्टीमेटम। बजरंग दल ने विरोध किया।
जयपुर, राजस्थान: राजस्थान की राजधानी जयपुर के वैशाली नगर में सड़क चौड़ीकरण की योजना ने एक बड़ा धार्मिक और सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तहत, पास स्थित एक शिव मंदिर की दीवार पर अवैध कब्जे का नोटिस चस्पा कर दिया है। इस नोटिस में मंदिर से सात दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।
जेडीए की इस असंवेदनशीलता से स्थानीय निवासी और हिंदू संगठन भड़क उठे हैं। जयपुर शिव मंदिर अतिक्रमण नोटिस के विरोध में स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और जेडीए के खिलाफ नारेबाजी की।
1.59 मीटर अतिक्रमण का आरोप
जेडीए गांधी पथ को 100 फीट तक चौड़ा करने की योजना पर काम कर रहा है। जेडीए ने 21 नवंबर को 70 मकान और दुकान मालिकों को भी नोटिस दिया था।
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नोटिस का हवाला: नोटिस में प्रवर्तन शाखा के सीआई अरुण पूनिया की ओर से हाईकोर्ट में दायर पिटीशन और जोन-7 के उपायुक्त से प्राप्त पीटी सर्वे रिपोर्ट का हवाला दिया गया है।
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अतिक्रमण: रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर की बाउंड्रीवाल सड़क की सीमा में करीब 1.59 मीटर तक घुसती हुई पाई गई है और इसे अतिक्रमण माना गया है।
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बड़ा सवाल: स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि इस नोटिस का जवाब आखिर 'भगवान शिव' के नाम पर कौन देगा?
विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक चेतावनी
मंदिर को भेजे गए नोटिस के बाद स्थानीय निवासियों में नाराज़गी और भी बढ़ गई है।
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विरोध: स्थानीय निवासियों ने मंदिर के बाहर जुटकर जेडीए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
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जनता का रुख: लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि प्राधिकरण ने मंदिर के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई की, तो वे बुलडोजर के सामने लेटने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने जेडीए के प्रवर्तन अधिकारी अरुण पूनिया को तत्काल निलंबित करने की भी मांग की है।
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बजरंग दल का एक्शन: बजरंग दल के राहुल शर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते इस विवाद को नहीं सुलझाया, तो वे पूरे राजस्थान बंद का आह्वान करेंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर की गई किसी भी कार्रवाई को वे स्वीकार नहीं करेंगे।