दिल्ली पुलिस पाकिस्तान ड्रोन हथियार तस्करी: 10 विदेशी पिस्टल, 92 जिंदा कारतूस बरामद; गैंगस्टर सोनू खत्री से था लिंक, 4 गिरफ्तार
Delhi Police Pakistan Drone Hathiyar Taskari: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने पाकिस्तान से जुड़े ड्रोन हथियार तस्करी नेटवर्क का किया भंडाफोड़। 10 विदेशी पिस्टल, 92 कारतूस जब्त। गैंगस्टर सोनू खत्री से था लिंक।
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने एक बड़े पाकिस्तान आधारित ड्रोन हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस संबंध में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 10 विदेशी पिस्तौल और 92 जिंदा कारतूस का जखीरा बरामद किया है।
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का संबंध पंजाब-यूएस आधारित गैंगस्टर सोनू खत्री (उर्फ राजेश कुमार) से है, जो पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ मिलकर गठजोड़ में काम कर रहा था। यह रैकेट अंतरराष्ट्रीय हथियार सप्लाई, एनक्रिप्टेड कम्युनिकेशन और हवाला लेन-देन की प्रणाली का उपयोग कर रहा था।
ड्रोन के जरिए ऐसे हो रही थी सप्लाई
पुलिस ने बताया कि इस हथियार तस्करी का तरीका बेहद हाईटेक और जटिल था:
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ड्रोन का इस्तेमाल: पाकिस्तानी हैंडलर्स हथियार के जखीरे को ड्रोन का प्रयोग कर भारत-पाक सीमा के पास GPS-निर्धारित स्थानों पर गिराते थे।
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कार्बन-कोटेड पैकेजिंग: हथियारों को कार्बन-कोटेड मटेरियल में लपेटा जाता था, ताकि सीमा पर स्कैनिंग के दौरान वे पकड़े न जा सकें।
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स्थानीय रिसीवर: स्थानीय रिसीवर इन हथियारों को उठाते थे और आगे दिल्ली-एनसीआर के गिरोहों तक पहुंचाते थे।
गिरफ्तार आरोपी और गिरोहों से लिंक
क्राइम ब्रांच ने गुप्त सूचना के आधार पर मंदीप सिंह और दलविंदर कुमार को एक व्हाइट स्विफ्ट डिजायर कार में रोककर गिरफ्तार किया, जिसके बाद रोहन और अजय उर्फ मोनू को भी पकड़ा गया।
| आरोपी का नाम | स्थान | बरामदगी |
| मंदीप सिंह (38) | फिलौर, जालंधर (पंजाब) | 8 विदेशी पिस्तौल, 84 जिंदा कारतूस |
| दलविंदर कुमार (34) | फिलौर, जालंधर (पंजाब) | 8 विदेशी पिस्तौल, 84 जिंदा कारतूस |
| रोहन तोमर (30) | लहौड़ा, बागपत (उत्तर प्रदेश) | 2 अतिरिक्त पिस्तौल, 8 कारतूस |
| अजय उर्फ मोनू (37) | बागपत (उत्तर प्रदेश) | 2 अतिरिक्त पिस्तौल, 8 कारतूस |
पुलिस अधिकारी ने बताया कि रोहन और अजय लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर के कुख्यात गिरोहों जैसे गोदी गैंग, भाऊ गैंग और कपिल सांगवान (नंदू) गैंग से जुड़े हुए थे।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि अन्य गिरोह-सदस्यों और संरक्षकों की भूमिका सामने आ सके।