अजित पवार वोट निधि विवाद: "वोट नहीं दिया तो निधि नहीं", डिप्टी CM के बयान पर सियासी घमासान; कांग्रेस-UBT ने चुनाव आयोग से की कार्रवाई की मांग

Ajit Pawar Vote Nidhi Vivaad: डिप्टी CM अजित पवार के 'वोट नहीं तो निधि नहीं' बयान पर सियासी विवाद। कांग्रेस और UBT ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताकर चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की।

Nov 23, 2025 - 14:18
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अजित पवार वोट निधि विवाद: "वोट नहीं दिया तो निधि नहीं", डिप्टी CM के बयान पर सियासी घमासान; कांग्रेस-UBT ने चुनाव आयोग से की कार्रवाई की मांग

मुंबई, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के एक चुनावी बयान पर राज्य में सियासी घमासान छिड़ गया है। बारामती में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पवार ने मतदाताओं को चेतावनी देते हुए कहा, "आपके पास वोट है, तो मेरे पास निधि है। अब क्या करना है देख लीजिए।" इस बयान को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस और उद्धव ठाकरे शिवसेना (UBT) उन पर हमलावर हो गए हैं और इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए चुनाव आयोग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र में 2 दिसंबर 2025 को 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के लिए स्थानीय निकाय चुनाव होने वाले हैं।


मालेगांव की सभा में दिया विवादित बयान

अजित पवार ने मालेगांव नगर पंचायत के चुनाव प्रचार के दौरान यह बयान दिया था। उन्होंने महायुति (Mahayuti) उम्मीदवारों को जिताने की अपील करते हुए कहा:

???? "आप मुझे मालेगांव नगर पंचायत में 18-18 उम्मीदवार (महायुति) जीताकर दीजिए, मैं आपसे किया सभी वादा और मांग पूरी करूंगा, लेकिन अगर आपने कट मारा तो मैं भी कट मारूंगा... आपके पास वोट है, तो मेरे पास निधि है। अब क्या करना है देख लीजिए।"

विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया है कि सत्ता पक्ष के नेता चुनाव में मतदाताओं पर दबावतंत्र का इस्तेमाल कर रहे हैं।


विपक्ष ने घेरा, पवार बयान पर अड़े

विपक्ष ने अजित पवार के इस बयान को सीधे तौर पर मतदाताओं को धमकाने और आचार संहिता का उल्लंघन बताया है।

  • कांग्रेस और UBT का हमला: उद्धव ठाकरे शिवसेना और कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इस बयान का संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

  • अजित पवार का बचाव: वहीं, उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के वक्त नेता लोगों से वोट मांगते हैं और वादे करते हैं, जैसा कि बिहार में भी हमने देखा। उन्होंने धमकी देने की बात से इनकार करते हुए कहा, "मैंने किसी को धमकी नहीं दी, बस कहा कि हमें जिताएंगे तो निधि देंगे और विकास करेंगे।"