इंजीनियर से 48 लाख की ठगी: तंबू में बैठे 'बाबा' ने गुप्त रोगों के इलाज के लिए फँसाया, दवा के लिए लेना पड़ा बैंक से लोन; Kidney तक हुई खराब
Engineer Se 48 Lakh Ki Thagi: बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर से फर्जी आयुर्वेदिक इलाज के नाम पर ₹48 लाख की ठगी। नकली दवाओं से किडनी खराब हुई। मुख्य आरोपी फरार।
बेंगलुरु, कर्नाटक: बेंगलुरु में एक प्रतिष्ठित आईटी कंपनी कैपजेमिनी में कार्यरत सॉफ्टवेयर इंजीनियर को सेक्सुअल हेल्थ की समस्या का समाधान दिलाने के नाम पर एक फर्जी आयुर्वेदिक क्लिनिक ने ₹48 लाख रुपये से अधिक की ठगी का शिकार बना दिया। इलाज के दावे न केवल झूठे निकले, बल्कि कथित 'आयुर्वेदिक दवाओं' ने इंजीनियर की सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया और उनकी किडनी तक खराब हो गई।
इस सनसनीखेज मामले में इंजीनियर ने ज्ञानभारती पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस मुख्य आरोपी विनय की तलाश कर रही है।
टेंट में दिखा 'त्वरित समाधान' का लालच
कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले के रहने वाले इस इंजीनियर की 2023 में शादी हुई थी। निजी स्वास्थ्य समस्या से परेशान होने के कारण वह पहले एक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज करा रहे थे।
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ठगी की शुरुआत: इलाज जारी होने के दौरान, उन्हें मई 2025 में केएलई लॉ कॉलेज के पास लगा एक आयुर्वेदिक टेंट दिखा, जिस पर 'त्वरित समाधान' की बात लिखी थी।
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फर्जी गुरुजी: टेंट में उन्हें विजय गुरुजी नाम का व्यक्ति मिला, जिसने खुद को आयुर्वेदिक विशेषज्ञ बताया। उसने दुर्लभ जड़ी-बूटियों और विशेष तेलों से समस्या हमेशा के लिए खत्म करने का दावा किया।
लाखों की दवा और लोन का बोझ
गुरुजी के भरोसे में आकर इंजीनियर ठगी के जाल में फंसते चले गए:
| दवा का नाम | कीमत (प्रति ग्राम) | कुल खर्च और स्रोत |
| देवरज बूटी | ₹1.6 लाख प्रति ग्राम | पत्नी और परिवार से उधार लेकर खरीदा। |
| भावना बूटी तैला | ₹76,000 प्रति ग्राम | 15 ग्राम खरीदा, कुल ₹17 लाख खर्च। |
| देवरज रस बूटी | ₹2.6 लाख प्रति ग्राम | बैंक से ₹20 लाख का लोन लिया, दोस्तों से उधार लिया और दवा खरीदी। |
इंजीनियर ने कुल मिलाकर ₹48 लाख से अधिक की रकम ठगों को दे दी।
किडनी खराब होने पर हुआ एहसास
इन महंगी दवाओं को लेने के बाद भी स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। उल्टा, कुछ दिनों बाद जांच में पता चला कि उनकी किडनी खराब होने लगी है। डॉक्टरों के अनुसार, यह नुकसान उन फर्जी दवाओं के सेवन से हुआ होगा।
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धमकी: जब इंजीनियर ने शिकायत करने की कोशिश की, तो गुरुजी ने उन्हें धमकी दी कि इलाज छोड़ने पर हालत और बिगड़ जाएगी।
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अंतिम निर्णय: आखिरकार, पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
इंजीनियर से 48 लाख की ठगी का यह मामला दिखाता है कि लोग निजी कमजोरियों के चलते कैसे ऐसे फर्जी क्लिनिकों के जाल में फंस जाते हैं। पुलिस अब मुख्य आरोपी विनय और उसके पूरे गैंग की तलाश कर रही है।