मुंबई डुप्लीकेट वोटर्स खुलासा: 1.03 करोड़ वोटर्स में से 11 लाख डुप्लीकेट एंट्री, एक ही जगह दर्ज मिले 103 नाम; निकाय चुनाव से पहले बड़ा खुलासा

Mumbai Duplicate Voters Khulasa: महाराष्ट्र स्टेट चुनाव आयोग के आंकड़ों में खुलासा— मुंबई में 11 लाख से ज्यादा डुप्लीकेट वोटर्स। SEC ने आपत्ति की अंतिम तारीख 3 दिसंबर तक बढ़ाई।

Nov 27, 2025 - 10:46
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मुंबई डुप्लीकेट वोटर्स खुलासा: 1.03 करोड़ वोटर्स में से 11 लाख डुप्लीकेट एंट्री, एक ही जगह दर्ज मिले 103 नाम; निकाय चुनाव से पहले बड़ा खुलासा

मुंबई, महाराष्ट्र: बिहार के बाद अब महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भी वोटर लिस्ट को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। स्टेट चुनाव आयोग (SEC) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, अकेले मुंबई के 1.03 करोड़ वोटर्स में से करीब 10.64% यानी 11 लाख से ज्यादा वोटर्स के नाम वोटिंग लिस्ट में एक से अधिक बार दर्ज हैं।

इन आंकड़ों से पता चलता है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 4.33 लाख वोटर्स के नाम एक से अधिक बार दर्ज हैं, और इसमें 2 से लेकर 103 बार तक कई एंट्री शामिल हैं। इस तरह से डुप्लीकेट एनरोलमेंट की कुल संख्या 11,01,505 हो गई है।


निकाय चुनाव पर देरी की आशंका

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, मुंबई के निकाय चुनाव अगले साल 31 जनवरी से पहले होने हैं। हालांकि, वोटर लिस्ट में इस बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी के कारण चुनाव में देरी की आशंका है।

  • आपत्ति की अंतिम तिथि बढ़ी: राज्य चुनाव आयोग ने आपत्ति जमा करने की अंतिम तारीख 27 नवंबर से बढ़ाकर 3 दिसंबर कर दी है।

  • फाइनल लिस्ट: SEC की ओर से जारी बयान के मुताबिक, फाइनल वोटर लिस्ट अब 10 दिसंबर को जारी की जाएगी।

  • चुनाव में देरी: अधिकारियों ने बताया कि बीएमसी द्वारा सुधार की रफ्तार के आधार पर चुनाव या तो जनवरी के आखिर तक हो सकते हैं या फिर राज्य चुनाव आयोग फरवरी के पहले हफ्ते तक तारीख को बढ़ाने की मांग कर सकता है।


विपक्ष ने उठाए सवाल, आदित्य ठाकरे ने किया दावा

जारी किए गए आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि सबसे ज्यादा डुप्लीकेट वोटर्स वाले 5 में से 4 वार्ड पहले शिवसेना (UBT) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) जैसी विपक्षी दलों के कॉर्पोरेटर्स रिप्रेजेंट करते थे। इनमें से 2 वार्ड तो वर्ली विधानसभा क्षेत्र में आते हैं, जहां से आदित्य ठाकरे विधायक हैं।

  • आदित्य ठाकरे का आरोप: सोशल मीडिया X पर आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि "लाखों" नाम रिपीट किए गए हैं, घरों की फर्जी एंट्री की गई हैं, और वोटर कार्ड में बेसिक डिटेल्स नहीं हैं।

  • बीएमसी का पक्ष: बीएमसी के एक सीनियर अधिकारी ने साफ किया कि 11 लाख का आंकड़ा बार-बार एंट्री करने वालों की संख्या को दिखाता है, न कि किसी एक शख्स का।


डुप्लीकेट नाम हटाने का अभियान जारी

राज्य चुनाव आयोग ने नामों के रिपीट होने की वजह प्रिंटिंग में गलती, वोटर्स का दूसरी जगहों पर जाना और मरे हुए लोगों के नाम न हटा पाने जैसी कई वजहें बताई हैं।

  • वेरिफिकेशन: अधिकारियों ने कहा कि बूथ लेवल के वर्कर अब फील्ड विजिट करेंगे, फॉर्म भरेंगे और वेरिफिकेशन अंडरटेकिंग लेंगे जिससे यह तय हो जाए कि सभी वोटर्स का नाम सिर्फ एक बार वोटर लिस्ट में हो।