गंगा निर्मलीकरण की गूंज: सनातन धर्म इंटर कॉलेज में 'युवा भागीदारी' कार्यक्रम, छात्रों ने लिया गंगा स्वच्छता का संकल्प
Ganga Nirmalikaran: वाराणसी के सनातन धर्म इंटर कॉलेज में 39 गंगा टास्क फोर्स ने चलाया अभियान। हजारों छात्रों ने गंगा निर्मलीकरण का संकल्प लिया। युवाओं से सक्रिय भागीदारी की अपील।
वाराणसी: जल शक्ति मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा संचालित 'नमामि गंगे' अभियान अब काशी के शिक्षण संस्थानों तक पहुँच चुका है। इसी कड़ी में, शुक्रवार को नई सड़क स्थित सनातन धर्म इंटर कॉलेज में 39 गंगा टास्क फोर्स और नमामि गंगे गंगा विचार मंच महानगर इकाई की ओर से एक विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गंगा निर्मलीकरण (Ganga Nirmalikaran) में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना और विद्यालय के हजारों विद्यार्थियों के हृदय में गंगा के प्रति कृतज्ञता का भाव जागृत करना था।
???????? युवा शक्ति से ही निर्मल होगी गंगा
कार्यक्रम में हाथों में स्वच्छता स्लोगन लिखी तख्तियां लिए छात्रों ने जोरदार जयघोष करते हुए गंगा स्वच्छता का संकल्प लिया।
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टास्क फोर्स का आह्वान: 39 गंगा टास्क फोर्स के सूबेदार जगदीश चंद और गंगा विचार मंच के जिला संयोजक शिवम अग्रहरि ने छात्रों को जागरूक करते हुए कहा कि युवा शक्ति के जुड़ने से निर्मल गंगा का लक्ष्य शीघ्रता से पूर्ण होगा।
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राजा भगीरथ का उदाहरण: उन्होंने पौराणिक राजा भगीरथ का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने भी युवावस्था में कठिन तपस्या कर गंगा को धराधाम पर अवतरित किया था। अब युवाओं को गंगा की निर्मलता के लिए आगे आना होगा।
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शपथ: छात्रों से अपील की गई कि अब जब भी गंगा तट पर जाएं, तो गंगा के आंचल से कम से कम एक कचरा उठाकर कूड़ेदान में डालने का अवश्य प्रयत्न करें।
इस दौरान सेना की ओर से शिक्षकों को औषधीय पौधे भी वितरित किए गए, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश था।
विद्यालय प्रबंधन ने किया सहयोग
इस महत्वपूर्ण गंगा निर्मलीकरण कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों और प्रधानाचार्य का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
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उपस्थिति: कार्यक्रम में प्रधानाचार्य विजयी राम, कार्यक्रम समन्वयक लक्ष्मी पाठक, भावना गुप्ता, रेनू जायसवाल, अनुराग सोनकर, आदित्य अग्रहरि, भीम सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों व छात्रों की उपस्थिति रही।
यह आयोजन दर्शाता है कि नमामि गंगे अभियान अब जन-जन का अभियान बन रहा है, और युवा पीढ़ी अपनी सबसे पवित्र नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।