HIV AIDS जागरूकता और जेंडर हिंसा अभियान वाराणसी: 16 दिवसीय अभियान के तहत राजापुर, महादेवपुर समेत 4 गाँवों में हुआ 'वाल लेखन

HIV AIDS Jagrukta Aur Gender Himsa Abhiyan Varanasi: वाराणसी के 4 गाँवों (राजापुर, महादेवपुर, तेवर, गुरवट) में 16 दिवसीय जागरूकता अभियान के तहत वाल लेखन किया गया। लोगों को HIV/AIDS और जेंडर समानता पर जागरूक किया गया।

Nov 27, 2025 - 18:19
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HIV AIDS जागरूकता और जेंडर हिंसा अभियान वाराणसी: 16 दिवसीय अभियान के तहत राजापुर, महादेवपुर समेत 4 गाँवों में हुआ 'वाल लेखन

वाराणसी, उत्तर प्रदेश: श्री लक्ष्मीकुण्ड फाउंडेशन एवं बनारस नेटवर्क फॉर पॉजिटिव पीपुल्स लिविंग विथ HIV/AIDS सोसायटी द्वारा चलाए जा रहे 16 दिवसीय विशेष अभियान के अंतर्गत आज ग्राम पंचायतों में वाल लेखन (Wall Writing) कर जागरूकता फैलाई गई। यह अभियान 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक जेंडर आधारित हिंसा के खिलाफ और HIV/AIDS जागरूकता पर केंद्रित है।


4 गाँवों में लिखे गए जागरूकता नारे

आज राजापुर, महादेवपुर, तेवर और गुरवट ग्राम पंचायतों में प्रमुख स्थानों पर वाल लेखन किया गया। यह पहल जन समुदाय को सीधे और प्रभावी तरीके से जागरूक करने के उद्देश्य से की गई।

वाल लेखन के दौरान लिखे गए प्रमुख नारे निम्नलिखित थे:

  • HIV/AIDS जागरूकता: "श्री लक्ष्मीकुण्ड ने ठाना है HIV/AIDS को दूर भगाना है", "युवा पीढ़ी आगे आये HIV/AIDS को दूर भगाएं"।

  • जेंडर समानता एवं महिला सशक्तिकरण: "बेटी बेटा एक समान, दोनों पर दो पूरा ध्यान", "लड़की लड़का एक समान, फिर क्यों भेद करे इंसान", "हम भारत की नारी हैं, फूल नहीं चिंगारी हैं"।

  • सामाजिक अधिकार: "श्री लक्ष्मीकुण्ड की यही पुकार, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार है सबका अधिकार"।

  • सामाजिक कुरीति: "कम उम्र शादी जीवन की बर्बादी"।


अभियान में इन सदस्यों ने निभाई सक्रिय भूमिका

वाल लेखन के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में दोनों संगठनों और स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी रही:

  • श्री लक्ष्मीकुण्ड फाउंडेशन: सह निदेशका बैजंती पटेल जी, वित्त निदेशक श्री शनिकुमार रंजन जी, परियोजना कोऑर्डिनेटर गौतम जी, मनोज कुमार, नीता देवी, ईश्वरलाल और रंजीत कुमार।

  • बनारस नेटवर्क: साधना जी और संतोष कुमार।

  • रोशनी स्वयं सहायता समूह: पुष्पा देवी, रेखा शर्मा और परमशीला।

HIV AIDS जागरूकता और जेंडर हिंसा अभियान वाराणसी का यह 16 दिवसीय आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और महिलाओं के अधिकारों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।


क्या आप इस अभियान के किसी अगले चरण या कार्यक्रम के बारे में जानना चाहेंगे?