छत्रपति संभाजीनगर फेक IAS: 6 महीने से फाइव स्टार होटल में IAS बनकर रह रही थी महिला, जांच में खुला पाकिस्तान-अफगानिस्तान कनेक्शन, बैंक खातों में आए लाखों रुपये

Chhatrapati Sambhajinagar Fake IAS: महाराष्ट्र में खुद को IAS बताकर 6 महीने होटल में रह रही महिला गिरफ्तार। जांच में पाकिस्तान-अफगानिस्तान से ₹32 लाख के लेन-देन का खुलासा। ATS और IB कर रही है पूछताछ।

Nov 27, 2025 - 14:22
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छत्रपति संभाजीनगर फेक IAS: 6 महीने से फाइव स्टार होटल में IAS बनकर रह रही थी महिला, जांच में खुला पाकिस्तान-अफगानिस्तान कनेक्शन, बैंक खातों में आए लाखों रुपये

छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में खुद को IAS अधिकारी बताकर 6 महीनों से फाइव स्टार होटल में ठहर रही एक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह मामला सिर्फ धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस जांच में महिला के विदेशी लिंक सामने आए हैं और उसके पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान कनेक्शन का भी सनसनीखेज खुलासा हुआ है।

गिरफ्तार की गई 45 साल की महिला कल्पना त्रिंबकराव भागवत है, जिसे 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।


अवैध लेन-देन और बॉयफ्रेंड का कनेक्शन

पुलिस जांच में पता चला है कि महिला के बैंक खातों में अफगानिस्तान और पाकिस्तान से बड़ी रकम भेजी गई थी।

  • बॉयफ्रेंड का कनेक्शन: महिला का बॉयफ्रेंड अशरफ खलील अफगानिस्तान मूल का है और ड्राय फ्रूट का बिजनेस करता है। उसके भाई आवेद खलील (पाकिस्तान में रह रहा) के खाते से भी पैसे ट्रांसफर किए गए।

  • लेन-देन: जांच में करीब ₹32 लाख रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए हैं।

  • यात्रा: पुलिस उपायुक्त प्रशांत स्वामी ने बताया कि कल्पना उससे मिलने फ्लाइट के जरिए दिल्ली जाती थी। इसके अलावा, वह जयपुर और उदयपुर भी बार-बार जाती रही है।


होटल रूम से मिले फेक डॉक्युमेंट

कल्पना त्रिंबकराव भागवत फर्जी दस्तावेजों के सहारे जालना रोड स्थित होटल में लंबे समय तक रह रही थी।

  • फर्जी दस्तावेज: पुलिस को होटल रूम की तलाशी में UPSC 2017 चयन सूची की फेक कॉपी, IAS नियुक्ति पत्र का फेक डॉक्युमेंट, विदेशी पासपोर्ट, वीजा और भारत आने के आवेदन पत्र जैसे कई संवेदनशील दस्तावेज मिले हैं।

  • पुलिस हिरासत: दस्तावेजों की पुष्टि होते ही महिला को हिरासत में ले लिया गया और सिडको पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया।


ATS और IB कर रही है पूछताछ

मामले की संवेदनशीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरे को देखते हुए एटीएस (ATS) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने भी महिला से गहन पूछताछ शुरू कर दी है।

सुरक्षा एजेंसियों को इस बात की चिंता है कि महिला 6 महीने तक फेक पहचान का इस्तेमाल कैसे करती रही और इन विदेशी संपर्कों का मकसद क्या था? यह मामला संदिग्ध गतिविधि और राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे के दायरे में आता है।