बुलंदशहर दारोगा स्क्रिप्टेड वीडियो: 'बोलना- साहब गलती हो गई माफ कर दो…', तमंचा पकड़ने आए दारोगा ने खुद ही बना डाली स्क्रिप्ट; वीडियो वायरल होते ही लाइन हाजिर
Bulandshahar Daroga Scripted Video: बुलंदशहर में तमंचा बरामद करने गए दारोगा मनीष कुमार ने खुद बनाई स्क्रिप्ट। पत्नी से शिकायत और पति से गलती कबूलने के लिए कह रहे थे। वीडियो वायरल होने पर दारोगा लाइन हाजिर।
बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खुर्जा कोतवाली क्षेत्र के नवदुर्गा मंदिर इलाके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें डायल 112 के पुलिसकर्मी पति-पत्नी के विवाद में बरामदगी के लिए खुद ही एक स्क्रिप्ट बनाते और पति को सिखाते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद, एसएसपी बुलंदशहर दिनेश कुमार ने संबंधित दारोगा मनीष कुमार को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।
दारोगा ने बनाई स्क्रिप्ट
यह विवाद 3 नवंबर को पति-पत्नी के बीच झगड़े के बाद सामने आया था। पत्नी पूजा सोलंकी ने आरोप लगाया था कि पति तमंचा दिखाकर धमकाता है। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो एक पुलिसकर्मी (दारोगा मनीष कुमार) कथित तौर पर पति को स्क्रिप्ट सिखाते दिखे:
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पत्नी को निर्देश: "हम तुमसे नाम पूछेंगे। तुम नाम बताना। फिर पति से दारोगा बोला— पत्नी के नाम बताने के बाद तुम कहना कि साहब गलती हो गई माफ कर दो। अब नहीं करूंगा।"
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आरोपी पति को निर्देश: "हम तुम्हारी तलाशी लेंगे, तुम्हारी जेब में तमंचा कारतूस मिलेगा तो हम तुम्हें पकड़ लेंगे।"
यह वीडियो घटनास्थल पर मौजूद एक अन्य पुलिसकर्मी द्वारा शूट किया जा रहा था, जिसे सबूत के तौर पर रिकॉर्ड किया जा रहा था।
पत्नी बोलीं- तमंचा पति का ही था
इस वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठे। हालांकि, पीड़ित महिला पूजा सोलंकी ने स्पष्ट किया है कि वह अपने पति अजय सोलंकी से परेशान हैं और तमंचा उसके पति का ही था, जिससे वह लगातार उन्हें धमकाता रहता था।
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शिकायत: पूजा ने बताया कि 3 नवंबर को पति ने अत्यधिक शराब पीकर उनके साथ मारपीट की और कनपटी पर तमंचा भी रख दिया, जिसके बाद वह जान बचाकर मायके चली गईं और डायल 112 को सूचना दी।
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पुलिस का बचाव: एसपी देहात डॉक्टर तेजवीर सिंह ने बताया कि यह वीडियो BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा के तहत तमंचा बरामद करने की कानूनी प्रक्रिया के तहत रिकॉर्ड किया गया था।
हालांकि, कानूनी प्रक्रिया के दौरान पुलिस द्वारा 'स्क्रिप्टिंग' किया जाना विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाता है। एसएसपी दिनेश कुमार ने इसे देखते हुए संबंधित दारोगा मनीष कुमार के खिलाफ तुरंत एक्शन लिया और उन्हें लाइन हाजिर कर दिया।