Varanasi News: ICAI के राष्ट्रीय सम्मेलन "प्रबोध" का भव्य समापन, BHU में जुटे देश के प्रख्यात सीए और टैक्स एक्सपर्ट्स
वाराणसी में संपन्न हुए ICAI के राष्ट्रीय सम्मेलन 'प्रबोध' में सीए विनोद गुप्ता (VG Sir) और कपिल गोयल जैसे विशेषज्ञों ने टैक्स और जीएसटी पर दी जानकारी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
वाराणसी। दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की वाराणसी शाखा द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन "प्रबोध" का गुरुवार, 18 दिसंबर 2025 को बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्वतंत्रता भवन में सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस सम्मेलन ने चार्टर्ड अकाउंटेंसी के क्षेत्र में उभरते तकनीकी और कानूनी बदलावों पर गहन विमर्श का मंच प्रदान किया।
आयकर और नोटिसों के जवाब पर तकनीकी चर्चा
समापन दिवस के प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता डॉ. सीए कपिल गोयल ने आईटीएटी (ITAT) की कार्यवाही के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आयकर विभाग द्वारा जारी होने वाले विभिन्न 'कारण बताओ नोटिस' की वैधता क्या होती है और एक पेशेवर (CA) के रूप में गलत नोटिसों का जवाब देते समय किन बारीकियों और सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए।
MSME और स्टॉक एक्सचेंज लिस्टिंग पर मंथन
कार्यक्रम के दौरान एक विशेष पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया, जिसमें नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), मर्चेंट बैंकर, सिडबी (SIDBI) और यूनियन बैंक के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र MSME इन्सेन्टिव्स और छोटी व मध्यम फर्मों की स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग की प्रक्रिया रही, जो कि भविष्य के विकास के लिए एक बड़ा अवसर है।
GST अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) के नए नियम
दिल्ली से आए प्रसिद्ध वक्ता सीए गौरव गुप्ता ने जीएसटी अपील न्यायाधिकरण और प्रभावी ड्राफ्टिंग पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि:
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GSTAT पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अपील (GSTAT फॉर्म-01) दाखिल करना अब अनिवार्य है।
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GSTAT (प्रक्रिया) नियम, 2025 के तहत अब अपील, सुनवाई और आदेश पारित करने की प्रक्रिया पूरी तरह निर्धारित की जा चुकी है।
V.G. Sir ने समझाए 'Search and Seizure' के नियम
देश के प्रख्यात वक्ता सीए विनोद गुप्ता (V G SIR) ने आयकर विभाग द्वारा की जाने वाली 'तलाशी और जब्ती' (Search & Seizure) तथा 'इनकम एस्केपिंग असेसमेंट' पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि विभाग को यह साबित करना अनिवार्य है कि आय छिपाई गई है, साथ ही करदाता को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर देना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।
BHU कॉमर्स फैकल्टी बना नॉलेज पार्टनर
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में फैकल्टी ऑफ कॉमर्स (BHU) ने नॉलेज पार्टनर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सम्मेलन का उद्देश्य सदस्यों को बदलते कर कानूनों, तकनीक आधारित अनुपालन और वैश्विक अवसरों के लिए सक्षम बनाना था। कार्यक्रम में प्रोफेसर एच. के. सिंह और प्रोफेसर मीनाक्षी सिंह की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
इन दिग्गजों की रही उपस्थिति
वाराणसी शाखा के अध्यक्ष सीए नीरज कुमार सिंह और अन्य पदाधिकारियों द्वारा विभिन्न समितियों के सदस्यों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शाखा सचिव सीए विकास द्विवेदी, उपाध्यक्ष वैभव मेहरोत्रा, कार्यकारिणी सदस्य सीए नमन कपूर, सीए जयेंद्र तिवारी, सीए अंकुर गोयल सहित वाराणसी शाखा के कई पूर्व अध्यक्ष और आसपास के राज्यों से आए सीए सदस्य शामिल हुए।
मीडिया प्रभारी सीए किशन तुलस्यान ने कार्यक्रम की सफलता की जानकारी साझा की। मंच संचालन सीए गांगेयश्वर धर दुबे के नेतृत्व में सीए दिव्या ग्वाल, सीए शिवांगी जायसवाल और अन्य युवा सीए सदस्यों की टीम द्वारा किया गया।