UP News: भारी सुरक्षा के बीच पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की वाराणसी कोर्ट में पेशी, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में देवरिया जेल भेजे गए

पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को वाराणसी कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में देवरिया जेल भेज दिया है। जानें क्या है पूरा मामला और क्यों सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं अमिताभ ठाकुर।

Dec 19, 2025 - 21:28
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UP News: भारी सुरक्षा के बीच पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की वाराणसी कोर्ट में पेशी, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में देवरिया जेल भेजे गए
UP News: भारी सुरक्षा के बीच पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की वाराणसी कोर्ट में पेशी, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में देवरिया जेल भेजे गए

Varanasi News: वाराणसी की स्पेशल सीजेएम कोर्ट ने पूर्व आईपीएस अधिकारी और आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। शुक्रवार को हुई इस पेशी के दौरान वाराणसी कचहरी परिसर किसी छावनी से कम नजर नहीं आया।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला वाराणसी के चौक थाने में दर्ज एक प्राथमिकी से जुड़ा है। हिंदू युवा वाहिनी के नेता और वीडीए सदस्य अम्बरीष सिंह भोला ने 9 दिसंबर को अमिताभ ठाकुर के खिलाफ केस दर्ज कराया था।

  • आरोप: अमिताभ ठाकुर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर अम्बरीष सिंह पर आपराधिक मामलों में शामिल होने के झूठे आरोप लगाए थे।

  • भ्रामक प्रचार: उन पर चर्चित कफ सिरप मामले में बिना किसी सबूत के संलिप्तता बताने और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने का आरोप है।

  • नामजद: इस मामले में अमिताभ ठाकुर के साथ उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर और एक अन्य व्यक्ति को भी आरोपी बनाया गया है।


कोर्ट में हुई तीखी बहस: रिमांड का विरोध

प्रभारी विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव मुकुल पांडेय की अदालत में अमिताभ ठाकुर के वकीलों ने रिमांड का कड़ा विरोध किया।

बचाव पक्ष की दलील: वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि जिन धाराओं में केस दर्ज है, उनमें सजा 7 साल से कम है। ऐसे मामलों में गिरफ्तारी पर रोक है, इसलिए न्यायिक रिमांड नहीं दिया जाना चाहिए।

अभियोजन पक्ष की दलील: सरकारी पक्ष ने तर्क दिया कि अपराध संज्ञेय (Cognizable) श्रेणी का है, इसलिए रिमांड जरूरी है।

अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अमिताभ ठाकुर का 14 दिन का न्यायिक रिमांड मंजूर कर लिया।


सुरक्षा के कड़े इंतजाम: छावनी बना कचहरी परिसर

पेशी के दौरान वाराणसी पुलिस ने सुरक्षा की अभूतपूर्व व्यवस्था की थी।

  • नाकेबंदी: कोर्ट रूम के रास्तों की घेराबंदी की गई और बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित रहा।

  • भारी पुलिस बल: एसीपी कैंट नितिन तनेजा और एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान के नेतृत्व में कई थानों की फोर्स और PAC के जवान तैनात रहे।

  • 100+ जवान: कचहरी के सभी गेटों पर 100 से अधिक पुलिसकर्मियों का पहरा रहा।


अमिताभ ठाकुर ने जताया जान का खतरा

पेशी के बाद मीडिया से बात करते हुए पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा: "पुलिस मुझे रात के समय ही देवरिया ले जाना चाहती है। वाराणसी से देवरिया का रास्ता 5-6 घंटे का है और रात के सफर में मेरे साथ अनहोनी हो सकती है।"

उन्होंने प्रशासन से अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। कोर्ट की कार्यवाही के बाद पुलिस टीम उन्हें कड़ी सुरक्षा में लेकर देवरिया जेल के लिए रवाना हो गई।