जयपुर CBI ITAT रिश्वतखोरी: आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, अकाउंटेंट मेंबर कमलेश राठौड़ गिरफ्तार; ₹1.30 करोड़ से अधिक नकदी बरामद
Jaipur CBI ITAT Rishwatkhori: सीबीआई ने आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़ किया। अकाउंटेंट मेंबर कमलेश राठौड़ गिरफ्तार, ₹1.30 करोड़ से अधिक नकद बरामद।
जयपुर, राजस्थान: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जयपुर में आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) में चल रहे एक बड़े रिश्वतखोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। सीबीआई ने आईटीएटी, जयपुर बेंच के अकाउंटेंट मेंबर कमलेश राठौड़ को रिश्वत लेकर अपीलों का अनुकूल निपटारा कराने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
जयपुर CBI ITAT रिश्वतखोरी से जुड़े इस मामले में पिछले तीन दिनों में तलाशी के दौरान सीबीआई ने ₹1.30 करोड़ रुपये से अधिक नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं, जो एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने का संकेत देते हैं।
न्यायिक सदस्य समेत तीन गिरफ्तार
सीबीआई ने मंगलवार को इस रैकेट का भंडाफोड़ किया, जिसमें एक न्यायिक सदस्य समेत तीन लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया गया था।
-
अकाउंटेंट मेंबर गिरफ्तार: कमलेश राठौड़ को बुधवार को गिरफ्तार किया गया और गुरुवार को उन्हें एक विशेष कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 1 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
-
जब्ती: कमलेश राठौड़ के आवास की तलाशी के दौरान अकेले ₹20 लाख रुपये नकद और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।
-
कुल बरामदगी: इस मामले में अब तक कुल ₹1.30 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हो चुकी है, जिसमें न्यायिक सदस्य की कार से जब्त किए गए ₹30 लाख रुपए भी शामिल हैं।
हवाला नेटवर्क से होता था लेनदेन
सीबीआई के मुताबिक, यह पूरा रैकेट आईटीएटी जयपुर बेंच में लंबित अपीलों को रिश्वत लेकर फैसलों को प्रभावित करने में लगा हुआ था।
-
नेटवर्क: न्यायिक सदस्य, अधिवक्ता और अन्य सहयोगियों के बीच एक मजबूत रिश्वत सिंडिकेट सक्रिय था।
-
रकम का भुगतान: सीबीआई ने बताया कि रिश्वत की रकम का लेनदेन हवाला नेटवर्क से होता था, ताकि इसका कोई सीधा रिकॉर्ड न मिले और आरोपी लंबे समय से अपीलकर्ताओं को फायदा पहुंचा रहे थे।
सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि बरामद दस्तावेजों में लेनदेन का विवरण और संपत्ति के दस्तावेज शामिल हैं, जो इस संगठित गिरोह की गतिविधियों की गहराई को दर्शाते हैं।