कोलकाता मेट्रो रुके प्रोजेक्ट ममता सरकार: बंगाल में ममता सरकार ने रोक दी मेट्रो की रफ्तार, संसद में रेल मंत्री ने बताया— ₹13,955 करोड़ का बजट क्यों अटका

Kolkata Metro Ruke Project: Rail Mantri Ashwini Vaishnav ne Sansad mein bataya ki Mamata Sarkar ke asahyog se Kolkata Metro ke kai project ruke hain. Jameen adhigrahan aur dukan hatane mein 5 saal ki deri.

Dec 4, 2025 - 11:46
 0
कोलकाता मेट्रो रुके प्रोजेक्ट ममता सरकार: बंगाल में ममता सरकार ने रोक दी मेट्रो की रफ्तार, संसद में रेल मंत्री ने बताया— ₹13,955 करोड़ का बजट क्यों अटका

कोलकाता, पश्चिम बंगाल: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के रवैये के कारण कोलकाता मेट्रो और अन्य रेल परियोजनाओं की रफ्तार थम गई है। रेल मंत्री ने बताया कि ममता सरकार कई मोर्चों पर सहयोग नहीं कर रही है, जिससे प्रोजेक्ट्स अटके हुए हैं।

केंद्र सरकार ने बंगाल के लिए सालाना रेलवे परिव्यय कथित तौर पर बढ़ाकर ₹13,955 करोड़ कर दिया है, बावजूद इसके काम की प्रगति धीमी है।


जमीन और अतिक्रमण पर 5 साल की देरी

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वर्तमान में कोलकाता और उसके आसपास कुल 52 किलोमीटर के 4 मेट्रो कॉरिडोर निर्माणाधीन हैं, जिनमें से 20 किलोमीटर राज्य सरकार से संबंधित भूमि अधिग्रहण और उपयोगिता स्थानांतरण संबंधी मुद्दों की वजह से अटके हुए हैं।

मेट्रो लाइन देरी का कारण स्थिति
जोका-एस्प्लेनेड लाइन खिद्दरपुर स्टेशन के लिए ज़रूरी जमीन (837 वर्ग मीटर) की मंजूरी देने में 5 साल की देरी। 6.26 किमी का काम अटका।
एस्प्लेनेड मेट्रो स्टेशन 528 अनधिकृत दुकानों को हटाने में साढ़े तीन साल से अधिक की विफलता। रेलवे द्वारा वैकल्पिक ढाँचे बनाने के बावजूद मामला लंबित।
न्यू गरिया-दमदम एयरपोर्ट लाइन चिंगरीघाटा में यातायात-मार्ग-परिवर्तन के लिए NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी करने से 10 महीनों से इनकार। काम रुका हुआ है।
नोआपाड़ा-बारासात लाइन 1,277 झोपड़ियां और 764 दुकानों सहित 23,000 वर्ग मीटर जमीन का अधिग्रहण और अतिक्रमण हटाने में विफलता। 7.5 किलोमीटर का काम रुका है।

रेल प्रोजेक्ट की सुस्त चाल

  • भूमि स्वीकृति: रेल मंत्रालय की ओर से जारी जवाब में कहा गया है कि राज्य ने रेलवे प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक भूमि का महज 27% ही हिस्सा स्वीकृत किया है, जिससे 73% हिस्सा लंबित है।

  • फंडिंग में बढ़ोतरी: केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल को मिलने वाली धनराशि में भारी इजाफा किया है। 2009 से 14 के बीच तक राज्य को ₹4,380 करोड़ दिए गए थे, वहीं 2025-26 में यह बजट बढ़ाकर ₹13,955 करोड़ कर दिया गया है।

केंद्र सरकार ने संसद को बताया कि परियोजनाओं में देरी इंजीनियरिंग या रेलवे की समस्याओं के कारण नहीं, बल्कि टीएमसी की नौकरशाही नाकाबंदी के कारण विलंबित है।