लोकबंधु राजनारायण जयंती: 108वीं जयंती की पूर्व संध्या पर राजनारायण पार्क में दीपोत्सव और संकल्प सभा, 'भारत रत्न' देने की मांग

Lokbandhu Rajnarayan Jayanti: समाजवाद के पुरोधा लोकबंधु राजनारायण की 108वीं जयंती की पूर्व संध्या पर वाराणसी में दीपोत्सव। संकल्प सभा में उन्हें 'भारत रत्न' देने की मांग उठी।

Nov 23, 2025 - 12:33
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लोकबंधु राजनारायण जयंती: 108वीं जयंती की पूर्व संध्या पर राजनारायण पार्क में दीपोत्सव और संकल्प सभा, 'भारत रत्न' देने की मांग

 जिला रिपोर्टर विवेक कुमार यादव वाराणसी

वाराणसी, उत्तर प्रदेश: समाजवाद के पुरोधा और जननायक लोकबंधु राजनारायण जी की 108वीं जयंती की पूर्व संध्या पर आज वाराणसी के बेनियाबाग स्थित राजनारायण पार्क में भव्य दीपोत्सव एवं संकल्प सभा का आयोजन किया गया। लोकबंधु राजनारायण विचार मंच के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में 1008 दीप प्रज्वलित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और उनके विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया।

वक्ताओं ने एक स्वर में काशी के इस महान सपूत को 'भारत रत्न' से सम्मानित करने की जोरदार मांग की।


1008 दीपों से श्रद्धांजलि और क्रान्तिकारी विचारों पर मंथन

दीपोत्सव कार्यक्रम के बाद संकल्प सभा में राजनारायण जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।

  • मुख्य नारा: वक्ताओं ने राजनारायण जी के क्रान्तिकारी विचार, विशेषकर उनके प्रसिद्ध नारे 'गरीबों को मीले रोटी तो मेरी जान सस्ती है' का स्मरण किया।

  • संघर्ष: वक्ताओं ने बताया कि राजनारायण जी ने आजीवन सड़क से लेकर संसद तक समाज के अंतिम व्यक्ति के हक-हकूक के लिए संघर्ष किया।

  • सच्ची श्रद्धांजलि: संकल्प लिया गया कि समाजवाद की परिकल्पना को चरितार्थ करने के लिए उनके विचारों को आत्मसात करना और उनके पदचिह्नों का अनुसरण करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।


???????? काशी के लाल को 'भारत रत्न' देने की मांग

संकल्प सभा में मौजूद सभी लोगों ने सर्वसम्मति से लोकबंधु राजनारायण जी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' देने की मांग उठाई।

  • वक्ताओं का मत: वक्ताओं ने कहा कि काशी के लाल राजनारायण ने न केवल भारत को बल्कि दुनिया को समाजवाद का पाठ पढ़ाया। उनके संघर्ष का ही परिणाम था कि भारत में वर्ष 1977 में समाजवादी सरकार का गठन हो पाया था।

कार्यक्रम का संचालन लोहिया महाविद्यालय के प्रबंधक सुशील सिंह "तोयज" ने किया। इस अवसर पर नित्यानंद राय, अरविंद राय (पूर्व महामंत्री बनारस बार), दिलीप मिश्रा, प्रदीप सिंह (पूर्व महामंत्री राजातालाब तहसील बार), रवि राय "हिलमिल", शुभम सिंह (बाबू), और प्रवीण उपाध्याय सहित कई गणमान्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।