नाबालिग छेड़खानी मामला: PW गुरुकुलम स्कूल के खिलाफ फूटा परिजनों का गुस्सा, SP से मिले; CCTV फुटेज गायब होने पर बड़े अधिकारी को सौंपी गई सुपरविजन जांच
Nabalik Chedkhani: चंदौली के PW गुरुकुलम स्कूल मामले में बड़ा मोड़। पीड़िता के परिजनों ने SP से मिलकर CCTV फुटेज गायब होने का आरोप लगाया। जांच अब CO को सौंपी गई।
चंदौली से ब्यूरो मनीष द्विवेदी की रिपोर्ट:
चंदौली: चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र में फिजिक्स वाला ग्रुप (PW) से जुड़े PW गुरुकुलम स्कूल में नाबालिग छेड़खानी से जुड़े पॉक्सो (POCSO) केस में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। पीड़िता के परिजनों ने शुक्रवार को चंदौली के पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे से मुलाकात कर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की सुपरविजन जांच किसी बड़े अधिकारी से कराई जाए, क्योंकि उनका आरोप है कि स्कूल प्रबंधन महत्वपूर्ण CCTV फुटेज छिपा रहा है और DVR/NVR में छेड़छाड़ की गई है।
एसपी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच तत्काल सीओ पीडीडीयू नगर को सौंप दी है, जिन्होंने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
CCTV फुटेज गायब, प्रबंधन पर उठे सवाल
परिजनों द्वारा एसपी को सौंपे गए प्रार्थना पत्र में सबसे बड़ा आरोप साक्ष्यों से छेड़छाड़ का है।
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फुटेज गायब: परिजनों के अनुसार, स्कूल परिसर में लगे कैमरों का 13 अक्टूबर से 10 नवंबर तक का पूरा फुटेज उपलब्ध नहीं कराया गया है।
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संदिग्ध रिकॉर्ड: खासकर ट्रैवलर, बैक गेट और केबिन कैमरों का रिकॉर्ड गायब बताया जा रहा है, जिससे घटना की पूरी सच्चाई सामने नहीं आ पा रही है।
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आरोप: परिजनों का कहना है कि यह स्थिति बेहद संदिग्ध है और स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जो सीधे तौर पर नाबालिग छेड़खानी जैसे संवेदनशील मामले में सहयोग नहीं कर रहा।
विवेचक और प्रधानाचार्य की भूमिका पर भी प्रश्न
परिजनों ने मामले की विवेचक उपनिरीक्षक अंजू यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
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विवेचना में लापरवाही: परिजनों का आरोप है कि विवेचक ने दबाव में कार्य करते हुए अब तक DVR/NVR जब्त नहीं किया, जिससे साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका और गहरा गई है।
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प्रधानाचार्य पर आरोप: परिवार ने विद्यालय के प्रधानाचार्य पर भी पॉक्सो एक्ट की धारा 19 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रधानाचार्य ने समय पर घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी और आरोपी शिक्षक को बचाने की कोशिश की।
सीओ पीडीडीयू नगर को सौंपी गई सुपरविजन जांच
नाबालिग छेड़खानी के इस संवेदनशील मामले में एसपी चंदौली ने परिजनों की शिकायत को तुरंत संज्ञान में लिया और जांच सीओ पीडीडीयू नगर कृष्ण मुरारी शर्मा को सौंप दी।
सीओ शर्मा ने कहा, "एसपी साहब ने मामले की जांच उनको दी है। पहले की जांच अधिकारी अंजू यादव से सभी पत्रावली लेकर फिर से जांच की जाएगी। शीघ्र ही मामले का दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि सही जांच कर चार्टशीट दाखिल की जाएगी, ताकि किसी भी आरोपी को बख्शा न जा सके।
परिजनों को अब उम्मीद है कि सुपरविजन जांच से सच सामने आएगा और उनकी बेटी को जल्द न्याय मिलेगा।