गुजरात क्राइम: वन विभाग के अफसर ने तकिये से गला दबाकर पत्नी-दो बच्चों का किया कत्ल, घर के पीछे गड्ढे में छिपाई लाश; 4 साल का अफेयर बना हत्या की वजह

Gujarat Crime: भावनगर में वन विभाग के ACF शैलेश खंभला ने तकिये से गला दबाकर पत्नी और 2 बच्चों का कत्ल किया। 4 साल के अफेयर के कारण हत्या कर शव घर के पीछे गड्ढे में छिपाए।

Nov 21, 2025 - 15:39
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गुजरात क्राइम: वन विभाग के अफसर ने तकिये से गला दबाकर पत्नी-दो बच्चों का किया कत्ल, घर के पीछे गड्ढे में छिपाई लाश; 4 साल का अफेयर बना हत्या की वजह

भावनगर: गुजरात के भावनगर से एक अत्यंत दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। वन विभाग के एक सहायक वन संरक्षक (ACF) अधिकारी ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों की निर्मम हत्या कर दी और तीनों शवों को घर के पीछे गड्ढे में छिपा दिया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अधिकारी पिछले चार साल से एक महिला सहकर्मी के साथ अफेयर में था और अपने परिवार को रास्ते से हटाना चाहता था।

इस जघन्य गुजरात क्राइम के मामले में पुलिस ने आरोपी अधिकारी शैलेश खंभला (39) को गिरफ्तार कर लिया है।


4 साल के अफेयर के कारण दिया ट्रिपल मर्डर को अंजाम

पुलिस के अनुसार, सहायक वन संरक्षक शैलेश खंभला का हाल ही में भावनगर तबादला हुआ था। उसका परिवार (पत्नी नयना, 40, बेटी प्रीता, 13, और बेटा भव्य, 9) सूरत में रहता था और कुछ दिन पहले ही भावनगर आया था।

  • अवैध संबंध: जांच में पता चला कि 2022 में शैलेश खंभला की मुलाकात एक महिला वनकर्मी से हुई थी, जिसके साथ उसका प्रेम संबंध बन गया।

  • हत्या की वजह: शैलेश अपनी पत्नी नयना के साथ चल रहे वैवाहिक कलह (नयना परिवार को भावनगर में एक साथ रखना चाहती थी, जिसके खिलाफ शैलेश था) और अपने अवैध संबंध के कारण पत्नी और बच्चों को रास्ते से हटाना चाहता था।

  • हत्या का तरीका: पूछताछ में शैलेश ने कबूल किया कि उसने पत्नी और बच्चों की तकिये से गला दबाकर हत्या की थी।


लाश ठिकाने लगाने की शातिराना चाल

हत्या के बाद शवों को ठिकाने लगाने के लिए शैलेश ने एक शातिराना चाल चली।

  • गड्ढा खुदवाना: उसने अपने जूनियर अधिकारी गिरीश वानिया से घर के पीछे "कचरा फेंकने के लिए" दो गड्ढे खुदवाए।

  • झूठ का सहारा: 2 नवंबर को गिरीश वानिया ने गड्ढे खोदे। चार दिन बाद खंभला ने वानिया से कहा कि गड्ढों को भरवा दो क्योंकि एक नीलगाय गड्ढे में गिर गई थी।

  • गुमशुदगी का नाटक: बीते 5 नवंबर को खंभला खुद पुलिस के पास पहुंचा और पत्नी-बच्चों के लापता होने की झूठी सूचना दी कि उसने उन्हें ऑटो-रिक्शा में जाते हुए देखा था।


पुलिस जांच और STF की एंट्री

शैलेश खंभला के असामान्य और उदासीन व्यवहार ने शुरू से ही पुलिस को संदेह पैदा किया।

  • कॉल रिकॉर्ड: खंभला के कॉल रिकॉर्ड की जांच हुई, जिसमें जूनियर वानिया से लगातार संपर्क की बात सामने आई।

  • शवों की बरामदगी: 16 नवंबर को, पुलिस ने संदेह के आधार पर घर के पीछे खोदे गए उन्हीं गड्ढों की खुदाई की, जहां से नयना और दोनों बच्चों के शव बरामद हुए।

हत्या की पूरी साजिश रचने के बाद खंभला ने अपनी पत्नी के फोन से खुद को एक संदेश भेजा कि वह किसी और के साथ रहने जा रही है, ताकि इसे गुमशुदगी या भाग जाने का मामला बनाया जा सके। गुजरात क्राइम की यह घटना प्रशासनिक पदों पर बैठे लोगों के नैतिक पतन और जघन्य अपराधों को दर्शाती है। पुलिस अब मामले की गहन जांच कर रही है और शैलेश खंभला को हिरासत में ले लिया गया है।