पटना पीएमसीएच जूनियर डॉक्टर हड़ताल: इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह ठप, 2000 पेशेंट बिना इलाज के लौटे; परिजनों ने डॉक्टर को पीटा, सुरक्षा की मांग

Patna PMCH Junior Doctor Hartal: पटना के PMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल। 2000 से ज्यादा मरीज बिना इलाज लौटे। मरीज की मौत के बाद मारपीट से नाराज डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग की।

Dec 4, 2025 - 11:52
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पटना पीएमसीएच जूनियर डॉक्टर हड़ताल: इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह ठप, 2000 पेशेंट बिना इलाज के लौटे; परिजनों ने डॉक्टर को पीटा, सुरक्षा की मांग

पटना, बिहार: बिहार के सबसे बड़े अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (PMCH) में जूनियर डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है, जिससे इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह ठप पड़ गई हैं। बुधवार शाम से शुरू हुई इस हड़ताल के कारण अब तक 2,000 से ज्यादा मरीजों को बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ा है।

डॉक्टरों का यह गुस्सा बुधवार सुबह एक मरीज की मौत के बाद परिजनों द्वारा डॉक्टरों के साथ की गई मारपीट के बाद भड़का है। जूनियर डॉक्टर सुरक्षा की मांग पर अड़े हुए हैं।


ईसीजी रिपोर्ट के बाद भड़के परिजन

  • घटनाक्रम: पीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में बुधवार सुबह ब्रेन हेमरेज से पीड़ित बुजुर्ग सुरेश सिंह को उनके परिजन लेकर आए थे। डॉक्टरों ने ईसीजी जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

  • हिंसक रूप: जूनियर डॉक्टर ने जैसे ही परिजनों को मौत की पुष्टि की, परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। चश्मदीदों के अनुसार, परिजनों ने महिला डॉक्टर के साथ अभद्रता की और फिर अन्य जूनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट शुरू कर दी।

  • फैसला: इस हिंसक घटना के बाद जूनियर डॉक्टरों की बुधवार शाम एक बैठक हुई, जिसमें हड़ताल पर जाने का ऐलान किया गया।


अस्पताल प्रबंधन पर सुरक्षा में नाकाम रहने का आरोप

  • मांग: पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने प्रेस रिलीज जारी कर अस्पताल प्रबंधन पर ड्यूटी के दौरान डॉक्टरों को सुरक्षा देने में नाकामयाब रहने का आरोप लगाया है।

  • अधीक्षक की अपील: पीएमसीएच के अधीक्षक आईएस ठाकुर ने हड़ताली डॉक्टरों से वापस काम पर लौटने की अपील की है, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी है कि हड़ताल खत्म नहीं करने पर सरकार के निर्देश के तहत जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

पटना पीएमसीएच जूनियर डॉक्टर हड़ताल के चलते दूर-दराज से आए गंभीर मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।