रावण को श्राप क्यों मिला था: त्रिलोक विजेता रावण माता सीता को क्यों कभी छू नहीं पाया? ये श्राप थी मुख्य वजह
Ravan Ko Shrap Kyu Mila Tha: रावण को नलकुबेर से मिला था श्राप। अप्सरा रंभा के साथ दुर्व्यवहार करने पर श्राप मिला कि किसी भी स्त्री को छूने पर उसके सिर के 100 टुकड़े हो जाएंगे। इसीलिए वह सीता को छू न सका।
अयोध्या, भारत: लंका का महापराक्रमी राजा रावण, जिसे भगवान ब्रह्मा और शिव से कई वरदान प्राप्त थे, वह सभी वेदों का ज्ञाता और त्रिलोक विजेता था। बावजूद इसके, रावण को एक ऐसा श्राप मिला था, जिसके कारण वह माता सीता को उनकी मर्जी के बिना कभी छूने का साहस नहीं कर पाया।
वाल्मीकि रामायण के उत्तरकांड में इस श्राप का विस्तृत वर्णन मिलता है। यह श्राप ही रावण के अंत का एक कारण भी बना।
अप्सरा रंभा बनी श्राप का कारण
वाल्मीकि रामायण के उत्तरकांड (अध्याय 26, श्लोक 39) के अनुसार, यह घटना तब हुई जब रावण अपने सौतेले भाई कुबेर से मिलने उनके स्वर्ग स्थित शहर अलाका गया था।
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मोह और दुर्व्यवहार: वहां रावण को अप्सरा रंभा मिली। रंभा की खूबसूरती देखकर रावण को उससे मोह हो गया और उसने रंभा के साथ अनुचित व्यवहार करने की कोशिश की।
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रंभा का विरोध: रंभा ने रावण का विरोध करते हुए उसे बताया कि वह उसके ही भाई कुबेर के पुत्र नलकुबेर की होने वाली पत्नी है। इस रिश्ते से वह रावण की पुत्रवधु लगती है।
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रावण की अवहेलना: रंभा के इस विरोध और रिश्ते की दुहाई देने के बावजूद, रावण ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया।
नलकुबेर ने दिया रावण को श्राप
जब कुबेर जी के पुत्र नलकुबेर को अपनी होने वाली पत्नी रंभा के साथ हुए इस गलत व्यवहार के बारे में पता चला, तो वह अत्यंत क्रोधित हुए और उन्होंने रावण को तत्काल श्राप दे दिया।
???? नलकुबेर का श्राप: नलकुबेर ने रावण को श्राप देते हुए कहा कि "अगर अब वो किसी भी स्त्री को उसकी मर्जी के बिना छुएगा, तो उसी क्षण उसके सिर के 100 टुकड़े हो जाएंगे।"
सीता को न छू पाने का कारण
नलकुबेर के इसी श्राप के डर से रावण ने कभी भी किसी स्त्री को उसकी मर्जी के बिना छूने की कोशिश नहीं की। यही वजह थी कि रावण, माता सीता का हरण करके लंका ले गया और उन्हें अशोक वाटिका में रखा, लेकिन श्राप के भय से वह कभी भी उन्हें छू नहीं पाया।
रावण का यह श्राप एक शक्तिशाली राजा की सीमाएं तय करता था, जिसने अंततः राम के हाथों उसके विनाश का मार्ग प्रशस्त किया।