सकलडीहा डायट में उर्दू शिक्षकों का तीन दिवसीय आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण शुरू

सकलडीहा (चंदौली) स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में 90 से अधिक उर्दू शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू। भाषा शिक्षण की नई विधियों और उपचारात्मक शिक्षा पर विशेष जोर।

Feb 13, 2026 - 18:18
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सकलडीहा डायट में उर्दू शिक्षकों का तीन दिवसीय आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण शुरू
सकलडीहा डायट में उर्दू शिक्षकों का तीन दिवसीय आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण शुरू

सकलडीहा (चन्दौली)।

स्थानीय जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सकलडीहा में प्रदेश सरकार की शिक्षा को लाभप्रद एवं बहुउद्देश्यीय बनाने की योजना के अंतर्गत उर्दू शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण डायट प्रवक्ता डॉ. अज़हर सईद के प्रयास और निरीक्षण तथा डायट प्राचार्य विकायल भारती के संरक्षण में आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में जिले भर से उच्च प्राथमिक, कंपोजिट एवं कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के 90 से अधिक उर्दू शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण का उद्देश्य उर्दू भाषा शिक्षण की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाना तथा शिक्षकों को नवीन शिक्षण विधियों से अवगत कराना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व एआरपी धानापुर इरफान अली मंसूरी एवं वरिष्ठ शिक्षक शफाअत अली द्वारा प्रार्थना एवं राष्ट्रगान के साथ की गई।

प्रशिक्षण सत्र में अफशां रूमानी अंसारी ने उर्दू भाषा की उपचारात्मक शिक्षा की आवश्यकता एवं प्रभावी विधियों पर विस्तार से चर्चा की। वहीं गौहर अली ने शिक्षण की विभिन्न पद्धतियों पर प्रकाश डालते हुए कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक एवं प्रभावी बनाने के सुझाव दिए।

इसके अतिरिक्त पूर्व एआरपी इरफान अली मंसूरी एवं शफाअत अली प्रशिक्षण के दूसरे और तीसरे दिन के सत्रों का संचालन करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. मंजू कुमारी ने भाषा शिक्षण की आवश्यकता और उसके महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डायट प्रवक्ता एवं अन्य कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के माध्यम से उर्दू शिक्षकों को नवीन शैक्षणिक तकनीकों और व्यवहारिक दृष्टिकोण से समृद्ध करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे विद्यालयों में भाषा शिक्षण की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार हो सके।