तेरे इश्क में मुरारी मोहम्मद ज़ीशान अय्यूब: न कृति, न धनुष… सिर्फ 7 मिनट में मुरारी ने उड़ाया गर्दा, 'रांझणा' का यह दोस्त निकला 'तेरे इश्क में' का असली खिलाड़ी

Tere Ishq Mein Murari Mohammed Zeeshan Ayyub: धनुष की 'तेरे इश्क में' का असली खिलाड़ी मुरारी (मोहम्मद ज़ीशान अय्यूब) निकला। महज 7 मिनट में उन्होंने पूरी फिल्म पर छाप छोड़ी और 'रांझणा' की यादें ताज़ा कर दीं।

Nov 30, 2025 - 13:01
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तेरे इश्क में मुरारी मोहम्मद ज़ीशान अय्यूब: न कृति, न धनुष… सिर्फ 7 मिनट में मुरारी ने उड़ाया गर्दा, 'रांझणा' का यह दोस्त निकला 'तेरे इश्क में' का असली खिलाड़ी

मुंबई: आनंद एल राय की नई फिल्म 'तेरे इश्क में' सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है, और यह दो दिनों में ₹35 करोड़ का दमदार कारोबार कर चुकी है। फिल्म में धनुष और कृति सेनन की केमिस्ट्री जितनी ज़बरदस्त है, उससे कहीं ज्यादा चर्चा में है इस कहानी का असली खिलाड़ी— अभिनेता मोहम्मद ज़ीशान अय्यूब, जिन्होंने फिल्म में मुरारी का किरदार निभाया है।

फिल्म में मुरारी की एंट्री महज 7 से 10 मिनट की रही होगी, लेकिन उनके किरदार ने पूरी फिल्म को एक भावनात्मक मोड़ दिया और 'रांझणा' की पुरानी यादों को जिंदा कर दिया।


बनारस के मणिकर्णिका घाट पर गूंज उठा थिएटर

'तेरे इश्क में' का असली ट्विस्ट मुरारी की एंट्री से आता है। यह कहानी शंकर (धनुष) की है, जो प्यार में सब कुछ खो चुका है।

  • एंट्री: बनारस के मणिकर्णिका घाट पर जैसे ही मुरारी यानी मोहम्मद ज़ीशान अय्यूब की एंट्री हुई, पूरा थिएटर तालियों और सीटियों से गूंज उठा।

  • किरदार: मुरारी इस बार कुंदन (रांझणा में धनुष का किरदार) को खो चुके शंकर को बचाने पहुंचा था। उनके हर डायलॉग पर दर्शकों का जबरदस्त रिएक्शन आया।

  • असली हीरो: समीक्षकों का मानना है कि मोहम्मद ज़ीशान अय्यूब ही 'STAR OF THE SHOW' निकले, क्योंकि उनके कैमियो के बारे में किसी ने सोचा तक नहीं था।


'प्रेम में मृत्यु है, मुक्ति नहीं...'

मुरारी के डायलॉग्स फिल्म के सबसे यादगार सीन साबित हुए:

???? "प्रेम में मृत्यु है, ‘मुक्ति’ नहीं, तू मर तो सकता है पर निजात नहीं पा सकता।"

ज़ीशान अय्यूब का किरदार 'रांझणा' की उन तमाम यादों को जिंदा कर गया, जिसके लिए कोई भी तैयार नहीं था। 'रांझणा' में मुरारी, कुंदन का बहुत अच्छा दोस्त था।

फिल्म का अंत भले ही शंकर को मुक्ति मिलकर भी न मिली हो, लेकिन मुरारी और शंकर वाले क्रॉसओवर सीन के लिए यह फिल्म देखना तो बनता है। यह एकलौता ऐसा सीन था, जो हर उस दर्शक की जुबां पर है, जिसने फिल्म देख ली है।