झारखंड स्थापना दिवस: CM हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन बनीं 'सिंगर', शिल्पा राव के साथ गाया बॉलीवुड गाना

कल्पना सोरेन सिंगर बनीं: CM हेमंत सोरेन की पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन ने झारखंड स्थापना दिवस पर बॉलीवुड सिंगर शिल्पा राव के साथ मंच पर गाना गाया।

Nov 17, 2025 - 11:43
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झारखंड स्थापना दिवस: CM हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन बनीं 'सिंगर', शिल्पा राव के साथ गाया बॉलीवुड गाना

रांची: झारखंड के 25वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान रांची का मोरहाबादी मैदान सुरों की महफ़िल में डूब गया। इस ऐतिहासिक मौके पर एक यादगार पल आया, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन ने मंच पर बॉलीवुड की मशहूर प्लेबैक सिंगर शिल्पा राव के साथ सुर मिलाए।

यह क्षण लाखों दर्शकों और अतिथियों के लिए उत्सव का सबसे खास हिस्सा बन गया।


उत्सव के उत्साह को किया दोगुना

झारखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह के दूसरे दिन के राजकीय कार्यक्रम में हजारों की संख्या में दर्शक मौजूद थे। बॉलीवुड की दमदार प्लेबैक सिंगर शिल्पा राव मंच पर अपने स्वर का जादू बिखेर रही थीं।

इसी दौरान मुख्यमंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कल्पना सोरेन खुद, जनता के बीच से उठकर मंच पर आईं और उत्सव के उत्साह को अपने संगीत से दुगुना कर दिया। उन्होंने शिल्पा राव के साथ मिलकर शाहरुख खान की फिल्म का गाना गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, हालांकि गाने का नाम नहीं बताया गया है, लेकिन यह प्रयास उत्सव के यादगार क्षणों में से एक बन गया।


कल्पना सोरेन ने साझा की खुशी

मुख्यमंत्री की पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन ने अपनी इस परफॉर्मेंस की तस्वीरें सोशल मीडिया (एक्स) पर साझा कीं।

उन्होंने शिल्पा राव के परफॉर्मेंस की तारीफ करते हुए लिखा, “बॉलीवुड की मशहूर गायिका और झारखंड की बेटी शिल्पा राव ने अपने शानदार परफॉर्मेंस से रजत वर्ष उत्सव को यादगार बना दिया।”

मंच पर शिल्पा राव के साथ आने की तस्वीर को कैप्शन देते हुए कल्पना सोरेन ने लिखा, “झारखण्ड की बेटी, मशहूर सिंगर और नेशनल अवॉर्ड विजेता शिल्पी राव के साथ मंच पर एक छोटी सी कोशिश।”


झारखंड के 25 साल पूरे

गौरतलब है कि झारखंड की स्थापना 15 नवंबर 2000 को हुई थी, और यह भारत का 28वां राज्य है। यह आयोजन झारखंड के 25 गौरवशाली वर्षों के 'रजत वर्ष उत्सव' को चिह्नित कर रहा है। झारखंड का गठन आदिवासी समुदायों की लंबे समय से चली आ रही सांस्कृतिक पहचान, भाषा और प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण की मांग के कारण बिहार से अलग होकर हुआ था।

कल्पना सोरेन का यह संगीतमय प्रयास राज्य के स्थापना दिवस समारोह को एक व्यक्तिगत और भावुक स्पर्श दे गया।