Varanasi News: सफाई कर्मचारियों को मिले 'स्वच्छता सैनिक' का दर्जा; उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय संयुक्त संघ ने उठाई मांग
उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय संयुक्त सफाई कर्मचारी संघ ने गणतंत्र दिवस पर सफाई कर्मचारियों को 'स्वच्छता सैनिक' का दर्जा देने और सम्मानित करने की मांग की
वाराणसी। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय संयुक्त सफाई कर्मचारी संघ ने सामाजिक समरसता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। संघ ने उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय नगर निगम प्रशासन से अपील की है कि प्रदेश के लाखों सफाई कर्मचारियों को उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए 'स्वच्छता सैनिक' के रूप में सम्मानित किया जाए।
स्वच्छ भारत मिशन के असली नायक हैं सफाईकर्मी
संघ के प्रदेश अध्यक्ष सोनचंद बाल्मीकि ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के 'ड्रीम प्रोजेक्ट' स्वच्छ भारत मिशन के असली नायक ये सफाई कर्मचारी ही हैं। इनकी दिन-रात की कड़ी मेहनत और समर्पण की बदौलत ही आम जनमानस एक स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण में खुली सांस ले पाता है।
सामाजिक समरसता और सम्मान की आवश्यकता
संघ के पदाधिकारियों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि सफाई कर्मचारियों को सामाजिक समरसता और उचित हिस्सेदारी देना मानवीय हितों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
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मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश बेरिया और प्रदेश प्रमुख महामंत्री रवीन्द्र कुमार मेहता ने जोर देकर कहा कि जिस प्रकार सीमा पर जवान देश की रक्षा करते हैं, उसी प्रकार सफाईकर्मी शहरों को बीमारियों से बचाकर 'स्वच्छता सैनिक' की भूमिका निभाते हैं।
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प्रदेश कोषाध्यक्ष श्रवण कुमार भारती ने मांग की कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर इन कर्मियों को आधिकारिक रूप से सम्मानित करने से उनके मनोबल में वृद्धि होगी।
नगर निगम प्रशासन से विशेष अपील
संघ ने विशेष रूप से नगर निगम प्रशासन वाराणसी से अनुरोध किया है कि काशी की स्वच्छता को वैश्विक पहचान दिलाने वाले इन कर्मयोगियों को समाज में उचित सम्मान और स्थान दिया जाए। उन्हें केवल 'कर्मचारी' न मानकर 'स्वच्छता के रक्षक' के रूप में पहचान दी जानी चाहिए।
इस मांग का समर्थन करते हुए संघ के अन्य सदस्यों ने भी सरकार से सफाई कर्मचारियों के हितों और उनकी सामाजिक सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।