Varanasi News: 'ए स्कूल ऑफ गुरुकुल' के वार्षिक खेल महोत्सव 'आरोहण' में 600 बच्चों ने दिखाया दम; ताइक्वांडो में दिखा बेटियों का आत्मविश्वास

वाराणसी के गणेश मण्डपम में ए स्कूल ऑफ गुरुकुल का खेल महोत्सव आयोजित हुआ। अंतर्राष्ट्रीय धाविका नीलू मिश्रा ने फिट रहने का संदेश दिया। 600 बच्चों ने लिया भाग।

Dec 25, 2025 - 20:20
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Varanasi News: 'ए स्कूल ऑफ गुरुकुल' के वार्षिक खेल महोत्सव 'आरोहण' में 600 बच्चों ने दिखाया दम; ताइक्वांडो में दिखा बेटियों का आत्मविश्वास

वाराणसी। जैतपुरा स्थित ए स्कूल ऑफ गुरुकुल (डिगिया) का वार्षिक खेलकूद महोत्सव 'आरोहण' बुधवार, 24 दिसंबर 2025 को नाटी इमली स्थित गणेश मण्डपम में अत्यंत भव्यता और जोश के साथ संपन्न हुआ। इस खेल कुंभ में विद्यालय के 600 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपनी खेल प्रतिभा और अनुशासन का प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मशाल प्रज्वलन से हुई शुरुआत, मार्च पास्ट में दिखा अनुशासन

महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि मिसेज नीलू मिश्रा (अंतर्राष्ट्रीय मास्टर्स धाविका) द्वारा मशाल प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत विद्यालय के चार हाउस— डिवाइन, करेजस, नेचर और पीस के विद्यार्थियों ने शानदार मार्च पास्ट किया। कदम-से-कदम मिलाते बच्चों में अनुशासन, एकता और आत्मविश्वास का प्रभावशाली संगम देखने को मिला।

"जो फिट है वो हिट है": नीलू मिश्रा

मुख्य अतिथि नीलू मिश्रा ने बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य का महत्व समझाया। उन्होंने कहा, "भविष्य उन्हीं का उज्ज्वल है जो शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है।" उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को फास्टफूड के बजाय पोषण से भरपूर मल्टीग्रेन और फल दें। साथ ही उन्हें अच्छी प्रेरणादायक कहानियाँ सुनाकर उनके व्यक्तित्व और सोच में सकारात्मक बदलाव लाएं।

खेलों में दिखा उत्साह: नन्हों की दौड़ से लेकर कबड्डी का जोश

मैदान पर विभिन्न रोचक और ऊर्जावान प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया:

  • नन्हे-मुन्ने कलाकार: छोटे बच्चों के लिए आयोजित रैबिट रेस, कैटरपिलर रेस और डक रेस आकर्षण का केंद्र रही।

  • मैदानी खेल: कबड्डी और खो-खो की स्पर्धाओं ने मैदान में जबरदस्त रोमांच भर दिया।

  • बेटियों का दम: छात्राओं द्वारा प्रस्तुत ताइक्वांडो के प्रदर्शन ने महिला सशक्तिकरण और आत्मविश्वास का सशक्त संदेश दिया।

  • सांस्कृतिक रंग: खेल कौशल के साथ-साथ रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।

हार से डरना नहीं, जीत से रुकना नहीं: ममता जायसवाल

विद्यालय की निदेशिका ममता जायसवाल ने बच्चों को जीवन का मूलमंत्र देते हुए कहा, "हार से डरना नहीं और जीत से रुकना नहीं।" उन्होंने कहा कि खेल केवल जीत-हार के लिए नहीं, बल्कि टीम भावना, अनुशासन और मजबूत मन के विकास के लिए आवश्यक हैं।

पुरस्कार वितरण और सम्मान

कार्यक्रम के अंत में विभिन्न स्पर्धाओं के विजेताओं को मेडल और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सभी 600 प्रतिभागियों को प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। विद्यालय प्रबंधन ने यह संदेश दिया कि खेलों में भागीदारी और निरंतर प्रयास ही सच्ची सफलता का आधार हैं।