Varanasi News: नववर्ष पर काशी में बहेगी भक्ति की बयार, सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ आज
वाराणसी के अग्रवाल भवन में भारत भारती परिषद द्वारा 1 से 7 जनवरी तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। वृंदावन के पं. अंबुज कृष्णा शास्त्री करेंगे कथा वाचन।
वाराणसी। नववर्ष 2026 के आगमन पर धर्मनगरी काशी में आध्यात्मिक चेतना का संचार करने के लिए भारत भारती परिषद द्वारा भव्य श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। आसभैरव (गुरुद्वारा के पास) स्थित अग्रवाल भवन में 1 जनवरी से 7 जनवरी तक चलने वाला यह महोत्सव युवा पीढ़ी को सनातन संस्कृति के मूल आदर्शों से जोड़ने का एक अनूठा माध्यम बनेगा।
कलश यात्रा के साथ होगा मंगलारंभ
संस्था के अध्यक्ष अशोक वल्लभदास ने बताया कि विगत 25 वर्षों की गौरवशाली परंपरा को जीवित रखते हुए इस वर्ष भी आयोजन की भव्य तैयारी की गई है।
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शोभा यात्रा: आज 1 जनवरी को प्रातः 9 बजे श्रीमुकुंद गोपाल प्रभु की मंगला आरती के पश्चात गोपाल मंदिर से अग्रवाल भवन तक भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें महिलाएं मंगल कलश लेकर भजन-कीर्तन करती हुई चलेंगी।
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पूजन एवं पाठ: दोपहर 11:30 बजे श्रीमद्भागवत पूजन के उपरांत दोपहर 12 से 3 बजे तक मूल पाठ और सायं 4 से 7 बजे तक कथामृत का रसपान कराया जाएगा।
वृंदावन के विद्वान कराएंगे कथा का रसास्वादन
श्रीमद्भागवत कथा का वाचन वृंदावन से पधारे प्रसिद्ध विद्वान पं. अंबुज कृष्णा शास्त्री एवं आचार्य दिलीप शास्त्री द्वारा किया जाएगा। सात दिनों तक भगवान के विभिन्न अवतारों का सजीव वर्णन होगा:
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2 व 3 जनवरी: वराह अवतार, नरसिंह अवतार और राजा भरत चरित्र।
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4 जनवरी: भगवान राम एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम।
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5 जनवरी: बाल लीला, गोवर्धन पूजा और दिव्य रासलीला का चित्रण।
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6 व 7 जनवरी: सुदामा चरित्र, तुलसी अर्पण और महाप्रसाद के साथ पूर्णाहुति।
'प्रेरणा रासपंचाध्यायी' पुस्तक का होगा लोकार्पण
इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान संस्था द्वारा प्रकाशित विशेष पुस्तक 'प्रेरणा रासपंचाध्यायी' का लोकार्पण भी किया जाएगा। इस अवसर पर पुस्तक के संपादक राजीवन द्रविड़ को उनके साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।
गणमान्य जनों की उपस्थिति
आयोजन को सफल बनाने में संरक्षक दीपक अग्रवाल, डॉ. रचना अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, श्रवण अग्रवाल, डॉ. जयशंकर जय, राकेश तिवारी, पूजा रस्तोगी, शिव शंकर तिवारी और डॉ. राममोहन पाठक सहित काशी के अनेक प्रबुद्ध जन सक्रिय रूप से जुटे हैं।