वाराणसी दालमंडी चौड़ीकरण: हथौड़ा विकास या विनाश? ₹1000 करोड़ का कारोबार करने वाली मंडी का भविष्य अधर में, एक्सपर्ट बोले- 'पुराने नक्शों से करें तुलना'
Varanasi Daalmandi Vivaad: वाराणसी दालमंडी का चौड़ीकरण, ₹1000 करोड़ के कारोबार पर संकट। व्यापारियों ने इसे विनाश बताया। टाउन प्लानर बोले- जयपुर की तर्ज पर बनेगी भव्य स्मार्ट रोड।
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में तीन सौ साल पुरानी दालमंडी का चौड़ीकरण प्रोजेक्ट इस समय सामाजिक, आर्थिक और सियासी बहस का सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है। दालमंडी में होने वाले ध्वस्तीकरण को लेकर व्यापारी और निवासी 'विरासत के विनाश' के तौर पर देख रहे हैं। सालाना ₹1000 करोड़ का व्यवसाय करने वाली थोक मंडी में हथौड़ा चलाना, या दस-बारह फुट की गली को 57 फुट (17.4 मीटर) तक चौड़ा करना, क्या यह विकास है या विनाश?
इस प्रोजेक्ट की आधारशिला पीएम मोदी ने रखी थी, और ₹220 करोड़ की लागत से 187 इमारतों को ध्वस्त किया जाएगा।
व्यापारियों का डर: रोजगार पर चलेगा हथौड़ा
दालमंडी (जिसका वास्तविक नाम हकीम मोहम्मद जाफर मार्ग है) के ध्वस्तीकरण को लेकर वहां के व्यापारी और रहवासी खुश नहीं हैं।
-
व्यवसाय का केंद्र: व्यापारी शकील अहमद बताते हैं कि दालमंडी पूर्वांचल, एमपी, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ तक के लिए थोक की सबसे बड़ी मार्केट है। यहां कपड़ा, कॉस्मेटिक, मोबाइल एक्सेसरीज, जूते जैसी चीजें सस्ती दरों पर मिलती हैं।
-
रोजगार का संकट: व्यापारियों का कहना है कि एक हज़ार करोड़ के टर्न ओवर वाले इस मार्केट को उजाड़ कर सरकार हजारों लोगों के भविष्य और रोज़ी-रोटी पर हथौड़ा चला रही है।
प्रोफेसर राणा पीबी सिंह: बनारस में हेरिटेज कहाँ है?
बनारस की हेरिटेज और चौड़ीकरण पर बीएचयू के जियोग्राफी डिपार्टमेंट के पूर्व एचओडी प्रोफेसर राणा पीबी सिंह ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की।
-
विरोध: प्रोफेसर सिंह ने कहा, "दालमंडी में हेरिटेज कहां से आ गया? बनारस तो हेरिटेज लिस्ट में कहीं है ही नहीं! बनारस में अब प्राचीनता कहीं बची है तो वो मंदिरों में है।"
-
चौड़ीकरण का समर्थन: उन्होंने कहा, "विकास का प्रथम चरण ही है ध्वस्तीकरण, लेकिन कितना? यही मूल प्रश्न है।" उन्होंने कहा कि नया नहीं जोड़ेंगे और स्पेस नहीं बनाएंगे तो नया कभी आएगा ही नहीं। उन्होंने गुजरात के सूरत का उदाहरण दिया, जहाँ पब्लिक पार्टिसिपेशन से डेवलपमेंट हुआ।
PWA ने जारी किया 3D मैप: जयपुर की तर्ज पर होगी मार्केट
इस वाराणसी दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट पर काम कर रही एजेंसी पीडब्लूडी ने भविष्य की तस्वीर दिखाने के लिए 3डी मैप वीडियो जारी किया है।
-
स्मार्ट रोड: पीडब्लूडी के एक्ससीएन केके सिंह ने बताया कि 650 मीटर लंबी और 17.4 मीटर चौड़ी सड़क स्मार्ट रोड के तौर पर पहचानी जाएगी। 10 मीटर में गाड़ियां चलेंगी, जबकि दोनों तरफ 3.2 मीटर के दो फुटपाथ होंगे।
-
अंडरग्राउंड व्यवस्था: फुटपाथ के नीचे ओवरहेड एचटी और एलटी लाइन वायर, टेलीकॉम वायर, गेल पाइप लाइन और वाटर पाइप लाइन अंडरग्राउंड होगी।
-
टाउन प्लानर का मत: टाउन प्लानर आरसी जैन ने बताया कि यह प्रोजेक्ट जयपुर की तर्ज पर डेवलप होगा। 9 मीटर से ज्यादा चौड़े सड़क पर होटल खोलने का नियम है, जिसका मतलब है कि इस इलाके में भविष्य में होटल, मॉल, रेस्टोरेंट, डिपार्टमेंटल स्टोर और रिटेल के बड़े-बड़े आउटफिट्स खुलने जा रहे हैं। 15 मीटर (करीब 50 फुट) की पांच फ्लोर की भव्य इमारतें बनेंगी।