Varanasi News: पंचगंगा घाट पर गूँजा 'जय सियाराम', गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा स्थापित हनुमान मंदिर का आठवाँ कीर्तन संपन्न
वाराणसी के पंचगंगा घाट स्थित गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा स्थापित हनुमान मंदिर में 8वां कीर्तन आयोजित हुआ। श्रद्धालुओं ने जय सियाराम के जयकारों से काशी को भक्तिमय कर दिया।
वाराणसी। मोक्षदायिनी काशी के पंचगंगा घाट पर रविवार, 21 दिसंबर 2025 को भक्ति की अविरल धारा बही। भगवान भोलेनाथ की अनुकंपा और श्री गोस्वामी तुलसीदास जी की विरासत को संजोए हुए प्राचीन हनुमान मंदिर के आठवें कीर्तन का भव्य एवं भक्तिमय आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
मंगलकरण हनुमान जी के दरबार में उमड़ा जनसैलाब
यह विशेष कीर्तन कार्यक्रम पंचगंगा घाट स्थित मंगलकरण हनुमान जी मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। प्रातः 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक चले इस आयोजन में काशी के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। जैसे ही कीर्तन मंडली ने सुर छेड़े, पूरा घाट परिसर “जय सियाराम” और “जय हनुमान” के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
आध्यात्मिक आनंद में डूबे श्रद्धालु और संत
Varanasi News के अनुसार, इस धार्मिक अनुष्ठान में केवल स्थानीय नागरिक ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में संत-महात्मा और कीर्तन प्रेमी भी सम्मिलित हुए। भक्तों ने पूरे दो घंटे तक तन्मयता के साथ भजन-कीर्तन किया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। श्रद्धालुओं ने कड़ाके की ठंड के बावजूद समय से पहुँचकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
धार्मिक परंपराओं को मिल रही मजबूती
आयोजन के दौरान व्यवस्था बेहद सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण रही। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजकों ने विशेष प्रबंध किए थे। कीर्तन प्रेमियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन काशी की प्राचीन और समृद्ध धार्मिक परंपराओं को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं।
आभार और भविष्य का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी उपस्थित भक्तों, संतों और सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने संकल्प दोहराया कि गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा स्थापित इस पावन स्थल पर भविष्य में भी निरंतर ऐसे धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला जारी रहेगी ताकि युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़ी रहे।