Varanasi News: हिंदू सम्मेलन में गूंजा 'पंचप्रण' का संकल्प, डॉ. शुकदेव त्रिपाठी ने दिया दोषमुक्त समाज निर्माण का मंत्र

वाराणसी में आयोजित हिंदू सम्मेलन में RSS प्रांत संयोजक डॉ. शुकदेव त्रिपाठी ने दोषमुक्त समाज के लिए 'पंचप्रण' का मंत्र दिया। जानें क्या हैं ये 5 संकल्प।

Dec 22, 2025 - 11:49
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Varanasi News: हिंदू सम्मेलन में गूंजा 'पंचप्रण' का संकल्प, डॉ. शुकदेव त्रिपाठी ने दिया दोषमुक्त समाज निर्माण का मंत्र

वाराणसी। औद्योगिक आस्थान सभागार में रविवार को आयोजित हिंदू सम्मेलन में सनातन संस्कृति की अनुपम छटा देखने को मिली। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सुधार के लिए 'पंचप्रण' का आह्वान किया गया। कार्यक्रम स्थल को 'ॐ' अंकित भगवा ध्वजों से भव्य रूप से सजाया गया था, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय और राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।

सनातन परंपराओं से हुआ अतिथियों का स्वागत

सम्मेलन की शुरुआत पारंपरिक और भव्य तरीके से हुई। मुख्यद्वार पर युवाओं द्वारा आगंतुकों को रोली, कलावा और इत्र लगाकर स्वागत किया गया। भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के दौरान रंगोली, कलश और आम के पल्लवों की सजावट ने भारत की प्राचीन विद्या और परंपराओं को जीवंत कर दिया। इस अवसर पर भजनामृत की धारा ने लोगों को भावविभोर कर दिया।

दोषमुक्त समाज के लिए 'पंचप्रण' अनिवार्य

मुख्य अतिथि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांत संयोजक (कुटुंब प्रबोधन) डॉ. शुकदेव त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में समाज को दोषमुक्त बनाने के लिए पांच संकल्पों यानी 'पंचप्रण' पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए संघ के आह्वान के अनुरूप वर्तमान चुनौतियों का सामना करने हेतु इन संकल्पों को दैनिक जीवन में उतारना होगा:

  1. नागरिक कर्तव्य: देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन।

  2. स्वबोध: अपनी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास की पहचान।

  3. पर्यावरण संरक्षण: प्रकृति की रक्षा का संकल्प।

  4. कुटुंब प्रबोधन: परिवारों में संस्कारों का बीजारोपण।

  5. सामाजिक समरसता: भेदभाव मिटाकर समाज को एकजुट करना।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रेमदास जी महाराज, एडवोकेट प्रिंस चौधरी, ममता गुप्ता और उमेश मिश्र ने भी वैचारिक प्रबोधन के माध्यम से महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने मनोहारी सांस्कृतिक और संगीतमय कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसकी सभी ने सराहना की। सम्मेलन का गौरवपूर्ण समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

इनकी रही प्रमुख उपस्थिति

कार्यक्रम का संयोजन श्री सुरेन्द्र प्रताप सिंह एवं संचालन श्री विपिन अग्रवाल ने किया। इस दौरान ओमप्रकाश श्रीवास्तव, हरिश्चंद्र पटेल, मनोज बरनवाल, सतीश बिंद, अरुण सरोज, गंगाराम पटेल, रामजी चौरसिया सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध जन और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।