Varanasi News: बांग्लादेश में हिंदू की जिंदा जलने की घटना से काशी में आक्रोश; हिंदू संगठनों ने उठाई सैन्य कार्रवाई की मांग
वाराणसी के हिंदू संगठनों ने बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास को जिंदा जलाए जाने की घटना का विरोध किया। पीएम मोदी और अमित शाह से बांग्लादेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग।
वाराणसी से अश्वनी सेठ की रिपोर्ट
Varanasi News: पड़ोसी देश बांग्लादेश के मयमनसिंह क्षेत्र में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को कट्टरपंथी भीड़ द्वारा पेड़ से बाँधकर जिंदा जलाए जाने की रूह कंपा देने वाली घटना के बाद वाराणसी के हिंदू संगठनों और व्यापारियों में भारी आक्रोश है। बुधवार को हिंदू जनजागृति समिति के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों ने इस हिंसा के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए भारत सरकार से बांग्लादेश पर कठोर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
हिंदू जनजागृति समिति और वाराणसी व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने उप जिलाधिकारी (SDM) श्री आलोक वर्मा से मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह और बांग्लादेश उच्चायुक्त के नाम संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस दौरान वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा, अधिवक्ता मदन मोहन यादव और हिंदू जनजागृति समिति के राजन केशरी सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।
आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंध की मांग
ज्ञापन के माध्यम से भारत सरकार से निम्नलिखित प्रमुख मांगें की गई हैं:
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कठोर प्रतिबंध: बांग्लादेश पर तुरंत आर्थिक, व्यापारिक और राजनीतिक प्रतिबंध लगाए जाएं।
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सैन्य कार्रवाई: बांग्लादेश के आतंकवादी एवं कट्टरपंथी गुटों के विरुद्ध कठोर सैन्य कार्रवाई सुनिश्चित हो।
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अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप: संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार आयोग में इस मुद्दे को उठाकर 'फैक्ट-फाइंडिंग मिशन' भेजा जाए।
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नागरिकता व पुनर्वास: उत्पीड़न का शिकार हो रहे हिंदुओं के लिए नागरिकता और सुरक्षित पुनर्वास नीति लागू की जाए।
हिंदू-निर्मूलन का गंभीर आरोप
समिति के सदस्यों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि 1941 में बांग्लादेश (तत्कालीन पूर्वी बंगाल) में हिंदुओं की जनसंख्या 28% थी, जो अब घटकर मात्र 7-8% रह गई है। यह एक सुनियोजित हिंदू-निर्मूलन प्रक्रिया है। शरीफ उस्मान हादी की मृत्यु के बाद वहां के हिंदू समाज, मंदिरों और दुकानों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, जिसकी पुष्टि अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो साक्ष्य भी कर रहे हैं।
काशी की प्रबुद्ध जनता की भागीदारी
इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान अधिवक्ता संजीवन यादव, प्रवीण श्रीवास्तव, अवनीश राय, विकास तिवारी, अम्रत्या विशेन, रवि श्रीवास्तव, संजय गुप्ता, विशाल मोदनवाल, डॉ. अजय पटेल, सुनील गुप्ता, नीरज सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा हिंदू बहुल देश है, अतः उसे बांग्लादेशी हिंदुओं की सुरक्षा के लिए हर संभव राजनीतिक और कानूनी प्रयास करने चाहिए।