Cough Syrup Case : नशे के सौदागरों पर कानून का शिकंजा, भोला और शुभम की 38 करोड़ की संपत्ति होगी जब्त

"कफ सिरप कांड में बड़ी कार्रवाई! मास्टरमाइंड भोला और शुभम जायसवाल की 38 करोड़ की संपत्ति होगी जब्त। मिर्जापुर से तीसरा आरोपी शिवम गिरफ्तार, 8 करोड़ के टर्नओवर का खुलासा। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।"

Dec 25, 2025 - 18:45
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Cough Syrup Case : नशे के सौदागरों पर कानून का शिकंजा, भोला और शुभम की 38 करोड़ की संपत्ति होगी जब्त
Cough Syrup Case : शुभम जायसवाल, पिता भोला प्रसाद जायसवाल, शिवम द्विवेदी

Cough Syrup Case, वाराणसी/मिर्जापुर: युवाओं की नसों में जहर घोलने वाले कफ सिरप सिंडिकेट के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। वाराणसी के बहुचर्चित कोडीन युक्त कफ सिरप कांड के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद की अवैध रूप से कमाई गई 38 करोड़ रुपये की अकूत संपत्ति को जब्त करने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

इस मामले में केवल कुर्की ही नहीं, बल्कि पुलिस ने मिर्जापुर से तीसरे मुख्य आरोपी शिवम द्विवेदी को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

परिजनों के नाम पर बनाई 'काली कमाई' की जागीर

जांच में सामने आया है कि 'शैली ट्रेडर्स' के प्रोपराइटर भोला प्रसाद ने नशे के इस काले कारोबार से न केवल खुद को अमीर बनाया, बल्कि अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर भी करोड़ों की प्रॉपर्टी खड़ी की। डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल के मुताबिक, कोतवाली पुलिस की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 38 करोड़ की यह संपत्ति भोला की पत्नी शारदा जायसवाल, बेटी प्रगति और बहू वैशाली के नाम पर दर्ज है।

अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी को नोटिस जारी किया है और सोनभद्र जेल में बंद भोला प्रसाद समेत परिवार के अन्य सदस्यों को 2 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।

मिर्जापुर में शिवम की गिरफ्तारी, 8 करोड़ का संदिग्ध टर्नओवर

इस सिंडिकेट की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा मिर्जापुर में हुई शिवम द्विवेदी की गिरफ्तारी से लगाया जा सकता है। अदलहाट पुलिस की गिरफ्त में आए शिवम ने पिछले डेढ़ साल के भीतर दिल्ली की एक कंपनी से करीब 1.42 लाख शीशी एस्कफ (Ascuf) सिरप मंगवाई थी।

हैरानी की बात यह है कि उसने यह पूरी खेप अपनी ही फर्म पर खपा दी। जांच में शिवम के बैंक खातों में 8.25 करोड़ रुपये का टर्नओवर मिला है, जो सीधे तौर पर तस्करी और अवैध खरीद-फरोख्त की ओर इशारा करता है। थानाध्यक्ष अजय सेठ ने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर की जांच के बाद अब चौथे आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है।

जेल से नहीं मिल रही राहत

वहीं, गाजीपुर जिला कारागार में बंद सैदपुर की स्वास्तिक मेडिकल एजेंसी के संचालक सर्वांश वर्मा की मुश्किलें भी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कोर्ट ने उसकी जमानत अर्जी पर सुनवाई अब 3 जनवरी तक टाल दी है। कानून का यह कड़ा रुख साफ कर रहा है कि नशे के इन सौदागरों के लिए अब बच पाना नामुमकिन है।


संपन्न भारत की राय: कफ सिरप का अवैध कारोबार समाज के लिए कैंसर की तरह है। प्रशासन की यह कार्रवाई न केवल अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ेगी, बल्कि उन लोगों के लिए भी एक सबक होगी जो चंद पैसों के लिए युवाओं का भविष्य दांव पर लगा देते हैं।